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प्रो. कुमुद शर्मा को अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान

Prof Kumud Sharma International Premchand Award 2026 Norway: हिंदी के वैश्विक प्रसार के लिए कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा को मिला 'अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान'

हिंदी का वैश्विक गौरव: कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा को मिला 'अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान-2026', नार्वे की प्रतिष्ठित संस्था ने किया सम्मानित

वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा को साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा और हिंदी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार में उनके विशिष्ट व बहुआयामी योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान-2026' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान **भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम, नार्वे** द्वारा 2 अगस्त 2026 को महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

🌍 वैश्विक मंच पर हिंदी और भारतीय संस्कृति का संवर्धन

प्रो. कुमुद शर्मा ने अपने दीर्घकालीन शैक्षणिक व साहित्यिक कार्यों के माध्यम से हिंदी को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में वर्धा विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुवाद, शोध, प्रकाशन और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं।

🏛️ संस्था के बारे में: भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम

सम्मान प्रदान करने वाली संस्था का साहित्यिक व सांस्कृतिक इतिहास:

  • स्थापना: इस फोरम की स्थापना वर्ष 1988 में नार्वे की राजधानी ओस्लो (Oslo) में भारतीय एवं नार्वेजीय लेखकों तथा भारतीय दूतावास के साझा सहयोग से हुई थी।
  • उद्देश्य: संस्था भारत और नार्वे के साथ-साथ विभिन्न देशों की संस्कृतियों के बीच संवाद स्थापित करने तथा भारतीय साहित्य और भाषा को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य करती है।
  • प्रतिष्ठा: मुंशी प्रेमचंद के नाम पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार संस्था के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में माना जाता है।

🎉 विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर

प्रो. कुमुद शर्मा को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष और गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया। शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इसे केवल विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदी जगत के लिए गौरव का क्षण बताया।

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