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CM Yogi on Environment Day: 'एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे', सीएम योगी ने यूपी वासियों को दिलाए 5 संकल्प, 'टोंटी चोरों' पर भी कसा तंज

CM Yogi on Environment Day: एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर संगोष्ठी का शुभारंभ, प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं से सजग रहने की अपील
स्थान: लखनऊ  |  दिनांक: 05 जून 2026  |  श्रेणी: उत्तर प्रदेश समाचार, पर्यावरण संरक्षण

मुख्य आकर्षण (News Highlights):

  • पौधरोपण महाभियान: आगामी जुलाई महीने में उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाएगी योगी सरकार।
  • सीएम के 5 संकल्प: विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण और जल संरक्षण के 5 बड़े संकल्प दिलाए।
  • माफियाओं पर कड़ा प्रहार: प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले भू-माफिया, वन माफिया और खनन माफिया के खिलाफ सजग रहने की अपील।
  • ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर: यूपी में एक्सप्रेसवे और हाईवे का जाल बिछने के बावजूद पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाकर फॉरेस्ट कवर बढ़ाया गया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों से प्रकृति, जलस्रोतों और वनों को नुकसान पहुंचाने वाले भू-माफिया, वन माफिया और खनन माफियाओं के खिलाफ एकजुट होकर सजग रहने का आह्वान किया है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि सजग नागरिकों का यह परम दायित्व है कि वे अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान न केवल पर्यावरण प्रदर्शनी का गहन अवलोकन किया, बल्कि बच्चों को चॉकलेट बांटी, आमजन को कपड़े के झोले बांटे और बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान सीएम ने वृक्ष कलश में जल अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पानी बर्बाद करने वालों व 'टोंटी चोरों' पर तीखा कटाक्ष भी किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिलाए गए 5 संकल्प

ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण और असमय आने वाली प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना करने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की जनता को 5 मुख्य संकल्प दिलाए:

  • एक पेड़ मां के नाम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर नागरिक अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए।
  • पौधों की सुरक्षा: लगाए गए पौधों को शरारती तत्वों और जीव-जंतुओं से बचाना और उनका संरक्षण करना।
  • जल संरक्षण: पानी की हर एक बूंद को बचाना और जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना।
  • सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग: पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद करना।
  • प्रकृति अनुकूल जीवन शैली: अपनी रोजमर्रा की आदतों को प्रकृति और पर्यावरण के नियमों के अनुरूप ढालना।
"कोई टोंटी चोरी कर रहा है, तो कोई पानी बर्बाद कर रहा है; ऐसे लोगों को समाज में तुरंत टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि पानी व्यर्थ न बहे।" - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जुलाई में बनेगा नया रिकॉर्ड: एक दिन में 35 करोड़ पौधे

सीएम योगी ने राज्य में पर्यावरण सुधार के ऐतिहासिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि मार्च 2017 में जब उनकी सरकार आई थी, तब वन विभाग की नर्सरियों में बमुश्किल 5放大 लाख पौधे थे। लेकिन आज सरकारी और निजी नर्सरियों की मेहनत से राज्य में 55 करोड़ पौधे बनकर तैयार हैं। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं, जबकि आगामी जुलाई महीने में महाभियान चलाकर एक ही दिन में पूरे प्रदेश में नागरिकों के सहयोग से 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ बढ़ा यूपी का फॉरेस्ट कवर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के सर्वाधिक एक्सप्रेसवे और फोरलेन-सिक्सलेन हाईवे बने हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य ने अपना फॉरेस्ट कवर (वन क्षेत्र) बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले 9 वर्षों के दौरान यूपी में रिकॉर्ड 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जो विकास और पर्यावरण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है। कुकरैल वन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे हटने के बाद आज वहां 'सौमित्र वन' के रूप में लखनऊ का सबसे शानदार प्राकृतिक दृश्य दिखाई दे रहा है।

यूपी में अब 1 रामसर साइट से बढ़कर हुईं 13

जल संकट और नेचुरल Water Bodies के संरक्षण पर बल देते हुए सीएम योगी ने बताया कि 9 वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश में केवल एक 'रामसर साइट' (Wetland) थी, जो अब बढ़कर 13 हो चुकी है। हाल ही में बलिया के ऐतिहासिक 'सुरहा ताल' को 13वीं रामसर साइट के रूप में चुना गया है। इसके अलावा श्रावस्ती के 'केन नाला' को बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों, नगर निकाय अध्यक्षों और महापौरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित तालाब, पोखरे, कुएं और बावड़ियों को पुनर्जीवित कर उन्हें जल संरक्षण का मुख्य आधार बनाएं।

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