संभव 6.0 लॉन्च: उत्तर प्रदेश के 5 विभाग मिलकर करेंगे काम, जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस
लखनऊ (18 जून, 2026): प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस बड़े अभियान का शुभारंभ किया। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में पूरी ताकत के साथ संचालित किया जाएगा।
8 वर्षों में 15% कुपोषित बच्चे हुए सेहतमंद: बेबी रानी मौर्य
अभियान का शुभारंभ करते हुए कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही उत्तर प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर मंत्री जी ने **'सम्भव पैकेज'** और **'सोशल मीडिया पैकेज'** का विमोचन किया, जिसमें जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित टूल्स और तकनीकी हैंडआउट सामग्री शामिल हैं। इसके साथ ही प्रसिद्ध शेफ रणवीर ब्रार की कुपोषण के खिलाफ वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया गया।
🌟 मुख्य थीम और फोकस:
"गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा"
संभव 6.0 के तहत जीवन के पहले 1,000 दिनों (गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाले नुकसान को आगे चलकर सुधारा नहीं जा सकता।
पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम, ग्रासरूट पर बढ़ेगी ताकत
आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान की रीढ़ को मजबूत करने के लिए 5 प्रमुख विभागों को औपचारिक रूप से जोड़ा गया है:
- महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS): मुख्य क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी।
- स्वास्थ्य विभाग (NHM): मातृ मृत्यु दर को कम करने और चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करना।
- पंचायती राज विभाग: पंचायत सखी के माध्यम से गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करना।
- योजना विभाग: कार्यक्रम की सघन समीक्षा और आंकड़ों का सटीक सत्यापन।
- सूचना विभाग: व्यापक जनजागरूकता फैलाना और लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना।
"प्रयास से प्रभाव तक" - पिछले पांच वर्षों की बड़ी सफलताएँ
आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के तहत:
🏆 इन 5 सर्वश्रेष्ठ जिलों को मिला सम्मान:
बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ में सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पाँच जिलों—कानपूर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) और मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक CDPO, एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को भी मंच से सम्मानित किया गया।
चुनौती अब केवल सेवा की नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता की है
अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कम वजन की होती हैं, जिससे बच्चे भी कुपोषित पैदा होते हैं। संभव 6.0 इसी गैप को खत्म करेगा। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस (NFHS) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य और आईसीडीएस का यह संयुक्त समन्वय बेहद क्रांतिकारी कदम साबित होगा। यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने भी उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को राज्य के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।
यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया। इसमें सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल सहित सभी 75 जिलों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के अंत में राज्य नोडल अधिकारी/उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया गया।





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