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उत्तर प्रदेश में एक क्लिक पर मिलेगा मालिकाना हक,रजिस्ट्री होते ही ऑटोमैटिक होगा दाखिल-खारिज!

उत्तर प्रदेश | डिजिटल गवर्नेंस एवं भू-सुधार

एक क्लिक पर संपत्ति का रिकॉर्ड: योगी सरकार लाएगी 'यूनिक प्रॉपर्टी आईडी' और 'भू-आधार' व्यवस्था, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

लखनऊ (20 जून, 2026): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए अचल संपत्तियों के पंजीकरण, स्वामित्व सत्यापन और नामांतरण (दाखिल-खारिज) प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने एक ऐसा डिजिटल खाका प्रस्तुत किया है, जिससे फर्जी स्वामित्व और विवादित संपत्तियों की अवैध बिक्री पर हमेशा के लिए लगाम लग जाएगी।

🚀 योगी सरकार के इस नए भूमि सुधार की 5 बड़ी बातें:

  • यूनिक प्रॉपर्टी आईडी: प्रदेश की सभी ग्रामीण और शहरी संपत्तियों को एक खास 'यूनिक प्रॉपर्टी आईडी' मिलेगी, जो GIS मैपिंग और आधिकारिक स्वामित्व रिकॉर्ड से लिंक होगी।
  • स्वतः नामांतरण (Auto Mutation): अब रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। संपत्ति का पंजीकरण (रजिस्ट्री) होते ही दाखिल-खारिज (नामांतरण) की प्रक्रिया ऑटोमैटिक शुरू हो जाएगी।
  • हर जमीन का 'भू-आधार': प्रत्येक भूमि पार्सल को एक यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) यानी 'भू-आधार' दिया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड्स 100% सटीक रहेंगे।
  • ऑल-इन-वन डेटा: संपत्ति कर रजिस्टर को बिजली, पानी, सीवर और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से जोड़ दिया जाएगा, जिससे सभी जानकारी एक जगह मिलेगी।
  • कानून में संशोधन: धोखाधड़ी रोकने के लिए पंजीकरण अधिनियम, 1908 में संशोधन कर नई धाराएं 22-A, 22-B और 35-A जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।

'भू-आधार' से जुड़ेगा हर भूमि पार्सल, फर्जीवाड़े का होगा खात्मा

केंद्र सरकार की डिजिटल योजनाओं के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार भूमि अभिलेखों के पूर्ण आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। इसके तहत राज्य के हर छोटे-बड़े भूखंड (भूमि पार्सल) को **यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN)** प्रदान किया जा रहा है, जिसे 'भू-आधार' नाम दिया गया है। यह जियो-रेफरेंस्ड पहचान संख्या विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और जीआईएस (GIS) प्रणालियों से जुड़ी होगी, जिससे कोई भी व्यक्ति एक ही जमीन को दो बार या फर्जी दस्तावेज बनाकर नहीं बेच सकेगा।

बिजली, पानी और टैक्स रिकॉर्ड होंगे एक जगह लिंक

प्रस्तावित सुधारों के तहत उत्तर प्रदेश में कर संग्रहण और नागरिक सेवाओं को बेहद आसान बनाया जा रहा है:

📋 स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग का एकीकरण
⚡ बिजली, पानी और सीवर विभाग का रियल-टाइम डेटा
💰 कॉमन प्रॉपर्टी आईडी आधारित टैक्स सिस्टम

इस कॉमन प्रॉपर्टी आईडी आधारित व्यवस्था से विभिन्न सरकारी विभागों के बीच डिजिटल डेटा साझा करना आसान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 'स्वामित्व योजना' के तहत घरौनी तैयार करने का कार्य पहले से चल रहा है, वहीं शहरी क्षेत्रों में नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) को जल्द ही यूनिक प्रॉपर्टी आईडी विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

💼 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मिलेगी नई गति

भूमि और संपत्ति के विशेषज्ञों का मानना है कि इन अभूतपूर्व सुधारों के जमीन पर लागू होने से न्यायालयों में संपत्ति संबंधी विवादों और मुकदमों में भारी कमी आएगी। नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी, जिससे राज्य में निवेश करने वाले बड़े औद्योगिक घरानों और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होगी।

योगी सरकार का यह फैसला प्रॉपर्टी सेक्टर में पारदर्शिता का एक नया युग लेकर आएगा, जहां आम जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई जमीन पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और जालसाजों के हौसले पस्त होंगे।

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