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केंद्र सरकार लखनऊ में बनाएगी क्लीन प्लांट सेंटर, 6 लाख से ज्यादा मिलेंगे मकान

Yogi-Shivraj Meeting: लखनऊ में बनेगा क्लीन PLANT सेंटर, यूपी के 6.18 लाख गरीबों को मिलेंगे पीएम आवास; बड़ी घोषणाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि और बागवानी (हॉर्टिकल्चर) क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर एक महा-योजना तैयार की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित योजना भवन में यूपी के 'विकसित कृषि रोडमैप' और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की संयुक्त समीक्षा की। इस बैठक में यूपी के किसानों और ग्रामीणों के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं।

1. लखनऊ में स्थापित होगा 'क्लीन प्लांट सेंटर'

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को नई गति देने के लिए लखनऊ में एक आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर (Clean Plant Center) स्थापित करने की बड़ी घोषणा की है। इस केंद्र के माध्यम से राज्य के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और वायरस/रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भारी इजाफा होगा।

2. चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद की अवधि बढ़ी

किसानों के हितों का संरक्षण करते हुए केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद की समय-सीमा (अवधि) बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने इसका आधिकारिक आशय पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। इससे राज्य के अधिक से अधिक किसान अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकेंगे।

3. पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 6.18 लाख नए लाभार्थियों की सूची सौंपी

ग्रामीण विकास को रफ्तार देते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अगले चरण के लिए यूपी के 6,18,482 पात्र लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी। सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र परिवारों को पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पक्के मकान आवंटित किए जाएं ताकि कोई भी जरूरतमंद इस लाभ से वंचित न रहे।

4. यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को 96.96 ट्रिलियन रुपये बनाने का लक्ष्य

बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक ने 'विकसित कृषि @2047: उत्तर प्रदेश कार्ययोजना' का रोडमैप पेश किया। इसके तहत कुछ बेहद महत्वपूर्ण लक्ष्य रखे गए हैं:

  • अर्थव्यवस्था में उछाल: वर्तमान में यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था लगभग 7.41 ट्रिलियन रुपये की है, जिसे साल 2047 तक बढ़ाकर 96.96 ट्रिलियन रुपये करने का लक्ष्य है।
  • फसल विविधीकरण: धान और गेहूं पर पारंपरिक निर्भरता को कम करते हुए किसानों को दलहन, तिलहन, मक्का, मोटे अनाज और औषधीय खेती की तरफ मोड़ा जाएगा।
  • हाई-टेक फार्मिंग: खेती में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म का उपयोग 75% तक बढ़ाया जाएगा।

5. 'वीबी-जी राम' (VB-GRAM) मिशन और खाद की पर्याप्त आपूर्ति

केंद्रीय मंत्री ने आगामी जुलाई माह से शुरू हो रहे 'विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-GRAM के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया, जो गांवों में रोजगार और जल संरक्षण के काम करेगा। इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि यूपी में यूरिया या अन्य खादों-उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि यूपी ने एफडीआर (FDR) तकनीक से सड़कों के निर्माण में ₹1,000 करोड़ की बचत की है। बैठक के दौरान अलनीनो के संभावित प्रभाव और सूखे जैसी स्थिति से निपटने की अग्रिम तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में ये रहे मौजूद: इस महा-मंथन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर सहित केंद्र और राज्य सरकार के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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