Amarnath Yatra 2026: बिना रजिस्ट्रेशन न निकलें अमरनाथ यात्रा पर; उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की श्रद्धालुओं से बड़ी अपील
श्रीनगर, 4 जुलाई: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) श्री मनोज सिन्हा ने श्री अमरनाथ जी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा है कि श्रद्धालु अपनी निर्धारित तिथि के लिए वैध पंजीकरण (Valid Registration) प्राप्त करने के बाद ही यात्रा पर निकलें। बिना रजिस्ट्रेशन के आ रहे यात्रियों की भारी भीड़ के चलते प्रशासन को व्यवस्थाएं संभालने में परेशानी हो रही है, जिसके मद्देनजर यह निर्देश जारी किया गया है।
पवित्र अमरनाथ यात्रा-2026 के प्रबंधन और जमीनी स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध रजिस्ट्रेशन के ही पहुंच रहे हैं। इस वजह से यात्रियों को बेस कैंप और चेकिंग पॉइंट्स पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत तय है संख्या
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बैठक में स्पष्ट किया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के आदेशों के अनुरूप ही यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित की गई है। तीर्थयात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए इस निर्धारित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि जिन श्रद्धालुओं के पास उनकी निर्धारित तिथि का वैध यात्रा परमिट (Yatra Permit) नहीं होगा, उन्हें पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, वे क्या करें?
यदि आप भी बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे हैं और अभी तक आपका पंजीकरण नहीं हो पाया है, तो उपराज्यपाल ने आपके लिए विशेष सुझाव दिए हैं:
- यात्रा कुछ दिन टालें: जिन इच्छुक श्रद्धालुओं ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे किसी भी असुविधा या परेशानी से बचने के लिए अगले कुछ दिनों तक अपनी यात्रा स्थगित रखें।
- अनिवार्य प्रक्रिया पूरी करें: घर से निकलने से पहले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत बैंकों के माध्यम से अपनी अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करें।
- तय तारीख पर ही आएं: आपको जो तारीख अलॉट की गई है, उसी तारीख को यात्रा मार्ग पर पहुंचें ताकि सुरक्षा बलों और प्रशासन को सहयोग मिल सके।
सुरक्षा और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री अटल डुल्लू सहित प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों और श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में श्रद्धालुओं की आवाजाही, ट्रैफिक मैनेजमेंट, ठहरने के इंतजाम, लंगर व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे लंगर संगठनों और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ निरंतर तालमेल बनाए रखें, ताकि हर श्रद्धालु की यात्रा सुखद और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध रहे।

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