15 बच्चों की मौत वाले अलीगंज के अवैध भवन पर चला एलडीए का बुलडोजर, 15 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद ध्वस्तीकरण शुरू
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखण्ड संख्या एम.एस.-102 (M.S.-102) पर निर्मित उस अवैध भवन पर आखिरकार लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का बुलडोजर चल ही गया, जहां संचालित एनीमेशन सेंटर में भीषण अग्निकांड के चलते 15 मासूम बच्चों की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद भवन के निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
🚨 अग्निकांड और ध्वस्तीकरण कार्रवाई का घटनाक्रम:
- स्थान: भूखण्ड संख्या एम.एस.-102, सेक्टर-डी, अलीगंज, लखनऊ।
- भवन स्वामी: वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला।
- हादसा: भवन में संचालित एनीमेशन सेंटर में आग लगने से 15 बच्चों की दम घुटने से मौत हुई थी।
- कार्रवाई का कारण: 15 दिनों की मोहलत बीतने के बाद भी भवन स्वामियों द्वारा अवैध निर्माण न हटाना।
🏢 15 दिनों का नोटिस समय सीमा खत्म होने के बाद एक्शन
जानकारी के अनुसार, यह भवन वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला का है, जिसे किराए पर दिया गया था। घटना के बाद एलडीए ने भवन के अवैध निर्माण की जांच कर नियमानुसार नोटिस जारी किया था। एलडीए के विहित न्यायालय में सुनवाई के दौरान भवन स्वामी को स्वयं अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद जब भवन स्वामी ने हीलाहवाली की, तो एलडीए ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
👮 मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी और भारी पुलिस बल
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एलडीए के अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी, उप सचिव माधवेश कुमार और ओएसडी देवांश त्रिवेदी सहित इंजीनियरिंग विभाग की पूरी टीम मौके पर डटी रही। किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
⚖️ पीड़ित परिवारों को न्याय की ओर बढ़ा कदम
एलडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। शहर में बिना नक्शा पास कराए या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बनाए गए अवैध निर्माणों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को 15 मासूम बच्चों की जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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