लखनऊ: इको गार्डन में पंचायत सहायकों का विशाल महाप्रदर्शन, 5000 से अधिक जुटे; मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण की मांग
पूरे प्रदेश से जुटे पंचायत सहायकों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी; 5 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज, संख्या और बढ़ने के आसार
- विशाल जमावड़ा: राजधानी के इको गार्डन में प्रदेश भर से पहुंचे लगभग 5000 से अधिक पंचायत सहायक।
- आह्वान का असर: पंचायत सहायक संगठन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सोमवार को जुटी भारी भीड़, लगातार जारी है आवागमन।
- 5 प्रमुख मांगे: अनुबंध समाप्त कर 'ग-श्रेणी' राज्य कर्मचारी का दर्जा, स्थानांतरण नीति, 50% आरक्षण और पेंशन व्यवस्था शामिल।
लखनऊ (20 जुलाई 2026): वेतन वृद्धि, अनुबंध समाप्ति और स्थायीकरण सहित अपनी 5 प्रमुख मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों ने राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में विशाल प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को सुबह से ही पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों से पंचायत सहायकों का पहुंचना जारी है। वर्तमान में लगभग 5000 पंचायत सहायक मौके पर मौजूद होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, दूर-दराज के जिलों से सहायकों का आना लगातार जारी है, जिससे प्रदर्शनकारियों की संख्या में और बड़ा इजाफा हो सकता है।
पंचायत सहायक संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष **मोहम्मद चाँद** और **शिवेंद्र प्रताप सिंह** ने बताया कि संगठन की ओर से सोमवार को लखनऊ के इको गार्डन पहुंचने का प्रदेशव्यापी आह्वान किया गया था। इसी आह्वान के तहत पूरे प्रदेश से पंचायत सहायक अपनी वाजिब मांगों की आवाज बुलंद करने यहां इकट्ठा हुए हैं।
📌 पंचायत सहायकों की 5 प्रमुख मांगें:
- स्थायीकरण व वेतन वृद्धि: अनुबंध प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर पंचायत सहायकों को 'ग-श्रेणी' (Class-C) के राज्य कर्मचारी के रूप में नियमित/स्थाई किया जाए और सम्मानजनक वेतन वृद्धि की जाए।
- पंचायती राज में आरक्षण: पंचायती राज विभाग की आगामी भर्तियों व प्रक्रियाओं में पंचायत सहायकों को 50% का आरक्षण प्रदान किया जाए।
- स्थानांतरण व नगर पंचायत में समायोजन: नगर पंचायत में समायोजन होने पर पद के समकक्ष कार्य दिया जाए तथा पंचायत सहायकों को उनकी इच्छा अनुसार स्थानांतरण (Transfer) की सुविधा मिले।
- महिला सहायकों के लिए विशेष प्रावधान: महिला पंचायत सहायकों का विवाह होने की स्थिति में उनके वर्तमान पद के समकक्ष अन्य विभाग में ससुराल के नजदीक समायोजन किया जाए।
- पेंशन व्यवस्था: पंचायत सहायकों के सेवानिवृत्त (Retire) होने पर सामाजिक सुरक्षा हेतु रिटायर्ड पेंशन की स्थाई व्यवस्था बनाई जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि पंचायत सहायक गांव-गांव में सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बेहद कम मानदेय और अनिश्चित भविष्य के कारण उनमें भारी असंतोष है। यदि शासन-प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और अधिक तीव्र रूप धारण करेगा।


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