लखनऊ विश्वविद्यालय का 69वां दीक्षांत समारोह: ई-ऑफिस की शुरुआत के साथ पेपरलेस हुआ लविवि, 1.25 लाख छात्र-छात्राओं को मिलीं उपाधियां
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में 31 जुलाई से पूर्ण रूप से 'पेपरलेस वर्किंग' की शुरुआत हो गई है। केजीएमयू स्थित अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली का उद्घाटन किया। समारोह में कुल 1,25,239 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं और 111 मेधावियों को 204 पदकों से सम्मानित किया गया।
🏛️ दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि व गणमान्य
समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर उपस्थित रहे, जबकि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
🎓 मेधावियों में छात्राओं का दबदबा
समारोह में प्रदान किए गए 204 पदकों में से 81 छात्राओं को और 30 छात्रों को मिले। राज्यपाल ने इस पर खुशी जताते हुए छात्रों को भी कड़ी मेहनत करने की सलाह दी।
“मैं पिछले 7 सालों से दीक्षांत समारोहों में शामिल हो रही हूं, मेडल हासिल करने में छात्राओं की संख्या हमेशा ज्यादा रहती है। छात्राओं को ही नहीं, छात्रों को भी अधिक मेहनत करने की जरूरत है। अगले साल से डिग्रियों की हार्ड कॉपी देना बंद करें और विश्वविद्यालय के सभी कार्य 1-2 महीने में पेपरलेस किए जाएं।”
— आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल व कुलाधिपति🏫 हॉस्टल व लाइब्रेरी व्यवस्था पर राज्यपाल का सख्त रुख
राज्यपाल ने कुलपति जेपी सैनी से एडमिशन डेटा मांगने के साथ-साथ हॉस्टल व्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 3 हजार से ज्यादा सीटों के बावजूद हॉस्टल अलॉटमेंट व मेस में देरी और वाई-फाई/वाशिंग मशीन की कमी ठीक नहीं है। उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय (Library) का समय बढ़ाकर शनिवार-रविवार को भी खोलने के निर्देश दिए।
🚀 'दीक्षांत समारोह भविष्य के लिए लॉन्चिंग पैड है': प्रो. करंदीकर
नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि यह समारोह सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य का लॉन्चिंग पैड है। उन्होंने कहा कि एआई (AI) और क्लीन एनर्जी दुनिया को नया आकार दे रही हैं, ऐसे में युवाओं को जॉब सीकर्स के बजाय 'जॉब गिवर्स' बनना चाहिए।
🌐 विश्व मंच पर चमका लखनऊ विश्वविद्यालय: कुलपति प्रो. जेपी सैनी
- ग्लोबल उपस्थिति: विश्वविद्यालय में वर्तमान में 44 देशों के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और इस सत्र में 77 देशों से 3,400 से अधिक विदेशी आवेदन मिले हैं।
- रैंकिंग व सीटें: इंडिया टुडे रैंकिंग में लविवि को 11वां स्थान मिला है। इस सत्र में करीब 3,350 सीटें (30% वृद्धि) बढ़ाई गई हैं।
- AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से एआई सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जहाँ हर साल 20,000 छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा।
🌟 प्रमुख पदक विजेता और उनके सपने
⚖️ स्वराज शुक्ला (चांसलर मेडल)
5 वर्षीय एलएलबी और एलएलएम पूरा कर चुके स्वराज का लक्ष्य PCS-J की परीक्षा पास कर जज बनना है। इससे पूर्व उन्हें डॉ. चक्रवर्ती मेडल भी मिल चुका है और उनके 11 शोधपत्र व 3 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
🎖️ श्रुति कुमारी (वाइस चांसलर गोल्ड मेडल)
बीए (अर्थशास्त्र व समाजशास्त्र) की छात्रा श्रुति को बेस्ट एनसीसी कैडेट के लिए यह मेडल मिला। वे भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती हैं।
🏛️ शैलजा सिंह (डॉ. चक्रवर्ती स्वर्ण पदक)
बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम की टॉपर शैलजा सिंह का लक्ष्य एक निष्पक्ष और संवेदनशील न्यायिक अधिकारी (Judge) बनना है।
🏅 प्रमुख पदक एवं सम्मान सूची
| पुरस्कार / मेडल | प्राप्तकर्ता का नाम |
|---|---|
| चांसलर मेडल (Gold) | स्वराज शुक्ला |
| वाइस चांसलर मेडल | श्रुति कुमारी |
| डॉ. चक्रवर्ती गोल्ड मेडल | शैलजा सिंह |
| चांसलर सिल्वर मेडल | फराह चांद |
| चांसलर ब्रॉन्ज मेडल | कंचन श्रीवास्तव, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, शुभम भारती, अंशिता वर्मा, मेधा द्विवेदी, बीना पटेल, अंशिका सिंह, रिया गुप्ता |
🍎 टीचर्स एक्सिलेंस अवॉर्ड (Teachers Excellence Award)
प्रो. शशि भूषण (स्टेटिस्टिक्स), डॉ. नेहा अग्रवाल (रसायन विज्ञान), डॉ. सरिता सिंह (फिजिकल एजुकेशन) और डॉ. मंजुल त्रिवेदी (शिक्षा संकाय) को उत्कृष्ट शिक्षण हेतु यह पुरस्कार दिया गया।

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