पेपर लीक पर मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई: कैबिनेट ने 'सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक-2024' को दी मंजूरी, बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर पूर्ण विराम लगाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम संशोधन विधेयक, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2024] को मंजूरी दे दी गई है।
🚨 संशोधन विधेयक के मुख्य प्रावधान:
- फास्ट-ट्रैक कोर्ट: पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे और जल्द सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन।
- कड़े दंडात्मक प्रावधान: परीक्षा माफिया और दोषियों के खिलाफ कठोर सजा और भारी जुर्माने के नियम।
- कानून को अधिक प्रभावी बनाना: संगठित अपराध और अनुचित साधनों के प्रयोग पर शिकंजा कसने के लिए नए कानूनी अधिकार।
🏛️ जल्द ही संसद में पेश होगा विधेयक
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद, सरकार अब इस संशोधन विधेयक को आगामी सत्र के दौरान संसद में पेश करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को पुनः बहाल करना है, ताकि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
🎓 युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
देशभर में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच, इस संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी या संगठित गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।


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