सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति का असर: प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ शिकायत पर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित, 1 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रतापगढ़ स्थित डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमनाथ के विरुद्ध मिली गंभीर शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
🏛️ विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य की शिकायत पर त्वरित एक्शन
प्रतापगढ़ के विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य द्वारा प्राचार्य डॉ. सोमनाथ के विरुद्ध भेजी गई शिकायत पर अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (DGME) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की।
🔍 एक सप्ताह के भीतर शासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
DGME द्वारा गठित जांच समिति को शिकायत में उल्लेखित प्रत्येक बिंदु की तथ्यपरक, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से जांच करने का निर्देश दिया गया है:
- समयबद्ध जांच: समिति को एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या शासन को उपलब्ध करानी होगी।
- कड़ी कार्रवाई के संकेत: जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
⚖️ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का स्पष्ट संदेश
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के मार्गदर्शन में हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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