सीतापुर में किशोरी की मौत मामले पर सीएम योगी का एक्शन: 3 आरोपी हिरासत में, चौकी इंचार्ज निलंबित और SHO के खिलाफ जांच शुरू
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कोतवाली देहात क्षेत्र में पेड़ पर किशोरी का शव मिलने की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। वहीं मामले में घोर लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा एसएचओ (SHO) के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
📌 मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु:
- घटनास्थल: कोतवाली देहात क्षेत्र, सीतापुर।
- पुलिस कार्रवाई: मुकदमा दर्ज, तीन नामजद आरोपी हिरासत में लेकर पूछताछ जारी।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मृत्यु का कारण 'हैंगिंग' स्पष्ट।
- विभागीय कार्रवाई: कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज सस्पेंड, एसएचओ के खिलाफ जांच के आदेश।
- जीरो टॉलरेंस: अपराध और लापरवाही के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के तहत कार्रवाई।
तीन आरोपी हिरासत में, हर पहलू की हो रही गहन जांच
योगी सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग (लटकना) सामने आया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें घटना से जुड़े हर सूक्ष्म साक्ष्य और तथ्य की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
कर्तव्य में लापरवाही पर नपे पुलिसकर्मी
सीतापुर प्रकरण में सरकार का सख्त संदेश साफ दिखा कि कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी जवाबदेह बनाया जाएगा। मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक (SHO) के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
अपराध और संरक्षण देने वालों पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। शासन की ओर से यह कड़ा संदेश दोहराया गया है कि अपराधी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून से बच नहीं सकता। अपराध को अंजाम देने वाले, उन्हें किसी प्रकार का संरक्षण देने वाले अथवा कार्रवाई में लापरवाही करने वाले हर जिम्मेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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