लखनऊ में बड़ा सियासी बवाल: हजरतगंज चौराहे पर सपा का जोरदार प्रदर्शन, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को घेरा; कई कार्यकर्ता हिरासत में
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने खोला मोर्चा।
- हजरतगंज चौराहे पर पोस्टर-बैनर और श्रीरामचरितमानस लेकर पहुंचे सपा कार्यकर्ता, जमकर की नारेबाजी।
- प्रदर्शन उग्र होते देख पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, इको गार्डन भेजा गया।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का सबसे प्रमुख हजरतगंज चौराहा आज भारी सियासी ड्रामे और विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने सरकार और मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन को देखते हुए चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
हाथों में श्रीरामचरितमानस और माथे पर तिलक
सपा कार्यकर्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन बेहद अलग और आक्रामक रणनीति के साथ देखने को मिला। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता अपने माथे पर तिलक लगाकर और हाथों में पवित्र ग्रंथ 'श्रीरामचरितमानस' लेकर पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। उनके हाथों में जो पोस्टर्स थे, उन पर साफ तौर पर लिखा था- 'दान की पवित्रता बचाओ, पूरा लेखा-जोखा दिखाओ'।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
सपा के इस अचानक हुए बड़े प्रदर्शन से हजरतगंज चौराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुस्तैद पुलिस बल ने प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। जब कार्यकर्ता नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों में भरकर लखनऊ के इको गार्डन (धरना स्थल) भेज दिया गया है।
मुद्दे पर गरमाई सूबे की सियासत
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर समाजवादी पार्टी अब पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे में अपारदर्शिता बरती जा रही है और वे इसके विरोध में जनता के बीच जाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि शहर की कानून-व्यवस्था को किसी भी हाल में हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा और हजरतगंज जैसे संवेदनशील वीआईपी इलाके में बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।


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