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रिटेल ट्रेड को बचाने के लिए आदर्श व्यापार मंडल का बड़ा ऐलान

UP Adarsh Vyapar Mandal Executive Meeting Lucknow: रिटेल ट्रेड को बचाने के लिए आदर्श व्यापार मंडल का बड़ा ऐलान, आंदोलन की बनाई रणनीति

रिटेल व्यापार को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने बनाई बड़ी रणनीति: ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल की कार्यकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक राजधानी लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश और देश भर के रिटेल सेक्टर के व्यापारियों को आ रही गंभीर समस्याओं पर गहन मंथन किया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि यदि रिटेल सेक्टर के व्यापार को बचाने के लिए सरकार ने तत्काल ठोस उपाय नहीं किए तो छोटे और पारंपरिक व्यापारियों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाएगी।

“ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स की अनुचित नीतियों के कारण देश का रिटेल व्यापारी बर्बादी के कगार पर पहुँच रहा है। व्यापारियों के मान-सम्मान और व्यापार को बचाने के लिए आदर्श व्यापार मंडल हर संभव प्रयास करेगा और सड़क से लेकर शासन स्तर तक चरणबद्ध लड़ाई लड़ेगा।”

— संजय गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल)

🚨 बैठक में व्यापारियों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:

  • ई-कॉमर्स व क्विक-कॉमर्स का दुष्प्रभाव: अनियंत्रित ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स और ई-कॉमर्स साइट्स के कारण रिटेल बाजारों का आर्थिक संकट में फँसना।
  • बाजारों में अस्थाई अतिक्रमण: मुख्य बाजारों में बिना नियमन के हो रहे अतिक्रमण से यातायात व ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होना।
  • जलकर व लाइसेंस शुल्क: बिना कनेक्शन के भी भारी जलकर का भुगतान और नगर निगम द्वारा कई व्यवसायों पर लाइसेंस शुल्क में की गई अनियंत्रित बढ़ोतरी।
  • लैंड यूज कन्वर्जन चार्ज: भू-उपयोग परिवर्तन दरों का बहुत अधिक होना।
  • GeM पोर्टल व सरकारी खरीद: जेम (GeM) पोर्टल पर व्यापार में आ रही तकनीकी अड़चनें और सरकारी खरीद में लखनऊ के स्थानीय व्यापारियों को प्राथमिकता दिए जाने की मांग।

📜 संगठन द्वारा स्वीकृत 8-सूत्रीय कार्य योजना (रणनीति):

समस्याओं के समाधान और रिटेल ट्रेड की सुरक्षा के लिए आदर्श व्यापार मंडल ने निम्नलिखित रणनीतिक निर्णय लिए हैं:

  1. पीएम व वित्त मंत्री को ज्ञापन: प्रथम चरण में सांसदों, विधायकों और जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री को 'राष्ट्रीय ई-कॉमर्स पॉलिसी' एवं 'रिटेल ट्रेड पॉलिसी' लागू करने हेतु ज्ञापन भेजा जाएगा।
  2. क्षेत्रीय व्यापारी सम्मेलन: राजधानी के सभी प्रमुख बाजारों में क्षेत्रीय स्तर पर व्यापारी सम्मेलनों का आयोजन होगा।
  3. विभागीय बैठकें: बाजारों की स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु क्षेत्रीय विधायकों व संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ सीधे संवाद की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
  4. जनजागरूकता अभियान: "व्यापारी जागरूकता वाहन रैली", मशाल जुलूस, बाजारों में पदयात्राएं और जागरूकता मार्च निकाले जाएंगे।
  5. वृहद सदस्यता अभियान: संगठन का विस्तार करते हुए अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ा जाएगा और प्रमुख बाजारों में संगठन के नए कार्यालय खोले जाएंगे।
  6. ऋण एवं आर्थिक सहायता शिविर: व्यापारियों को वित्तीय रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न बैंकों के सहयोग से ऋण (Loan) शिविर आयोजित होंगे।
  7. स्वास्थ्य एवं कल्याण शिविर: व्यापारियों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए योग शिविर और निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे।
  8. जागरूकता मार्च: स्थानीय उपभोक्ताओं को पारंपरिक दुकानों से खरीदारी के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।

📢 "स्थानीय व्यापारियों के बिना बाजार का अस्तित्व नहीं"

संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार रिटेल ट्रेड पॉलिसी लागू कर स्थानीय व्यापारियों के हितों का संरक्षण नहीं करती, तब तक उनका यह व्यापक जनजागरण एवं विरोध अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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