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UP EV Policy: यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम! योगी सरकार ने बांटी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से ज्यादा लोगों को मिला लाभ

UP EV Policy: यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम! योगी सरकार ने बांटी 210 करोड़ की सब्सिडी, 43 हजार से ज्यादा लोगों को मिला लाभ

लखनऊ, 5 जुलाई: उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल हरित विकास का मॉडल बनाने के विजन के साथ योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इलेक्ट्रिक वाहन क्रय सब्सिडी योजना के तहत अब तक उपभोक्ताओं को रिकॉर्ड 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। इस योजना के माध्यम से राज्य के 43 हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं।

परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका नतीजा है कि सूबे में अब तक 96 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया जा चुका है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का बड़ा बयान: "खाड़ी देशों में चल रहे गंभीर हालात और वैश्विक तेल संकट के बीच पेट्रोल-डीजल जैसे महंगे ईंधनों पर निर्भरता कम करना ही देशहित में है। ऐसे समय में आम जनता के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तरफ रुख करना सबसे बेहतर विकल्प है। प्रदेश सरकार की ईवी नीति न सिर्फ उपभोक्ताओं का परिवहन खर्च कम कर रही है बल्कि प्रदूषण घटाकर लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर कर रही है।"

तीन वर्षों का रिकॉर्ड और दोपहिया वाहनों को सबसे ज्यादा फायदा

योजना शुरू होने के बाद पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान सरकार द्वारा दिए गए इस बड़े वित्तीय प्रोत्साहन से ईवी खरीदार उपभोक्ताओं की शुरुआती लागत (On-road cost) काफी कम हुई है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत सबसे ज्यादा क्रेज दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-स्कूटर और मोटरसाइकिल) में देखा गया है:

  • 61,417 दोपहिया वाहन लाभान्वित: कम संचालन लागत और दैनिक उपयोग में आसानी के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग सबसे अधिक है। सरकार ने इसके तहत 2 लाख दोपहिया वाहनों को सब्सिडी देने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
  • सभी श्रेणियों को प्रोत्साहन: योजना के तहत केवल पर्सनल दोपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि 25 हजार चारपहिया (कार), 400 ई-बस और 1,000 ई-गुड्स कैरियर (मालवाहक) वाहनों को भी सब्सिडी के दायरे में शामिल किया गया है।
  • पारदर्शिता के लिए लाइव काउंटर: परिवहन विभाग ने आवेदनों और भुगतानों में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण एवं आवेदनों का लाइव काउंटर उपलब्ध कराया है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ जेब को भी भारी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से ईवी अपनाने की गति बढ़ रही है, उससे आने वाले समय में शहरों में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम नागरिकों के घरेलू और व्यावसायिक परिवहन खर्च में भी बड़ी बचत हो रही है, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास का एक मजबूत ढांचा तैयार हो रहा है।

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