UP Digital Library Scheme: गांव के होनहारों को अफसर बनाएगी योगी सरकार, 32 जिलों में तैयार हुई हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी
लखनऊ, 11 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पहले चरण में राज्य की 11,350 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग चार लाख रुपये खर्च कर उन्हें हाईटेक बनाया जा रहा है। इन लाइब्रेरियों में पारंपरिक पुस्तकों के साथ-साथ ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर और ऑडियो कंटेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं।
📊 प्रति लाइब्रेरी बजट और भौतिक प्रगति का पूरा ब्यौरा
| 💰 प्रति लाइब्रेरी कुल लागत | लगभग ₹4 लाख |
| 🖥️ आईटी उपकरण (IT Equipment) खर्च | ₹1.30 लाख |
| 🪑 आधुनिक फर्नीचर बजट | ₹70,000 |
| 📚 पारंपरिक पुस्तकों का आवंटन | लगभग ₹2 लाख |
| 📈 अब तक पुस्तकों की आपूर्ति | 10,406 ग्राम पंचायतें |
| 🛋️ फर्नीचर की आपूर्ति | 9,372 ग्राम पंचायतें |
🎯 डिजिटल लाइब्रेरी में क्या मिलेगा खास? परीक्षाओं की तैयारी का नया रोडमैप
- 🌐 20 हजार से ज्यादा डिजिटल कंटेंट: पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, छात्रों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री और इंटरैक्टिव क्विज जैसी हाइटेक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
- 👥 प्रबंधन और संचालन व्यवस्था: इन लाइब्रेरियों का सुचारू संचालन संबंधित ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की देखरेख में किया जाएगा। इसके साथ ही सहायक विकास अधिकारी (ADO) नियमित रूप से इनकी मॉनिटरिंग करेंगे।
- ⚡ शहरी निर्भरता होगी खत्म: इस अनूठी पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को होगा, जो संसाधनों या पैसों की कमी के कारण बड़े शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जा पाते हैं।
📍 इन 32 जिलों में पुस्तकें और फर्नीचर 100% उपलब्ध
पहले चरण के तहत उत्तर प्रदेश के निम्नलिखित 32 जिलों की चिन्हित ग्राम पंचायतों में पुस्तकों और आधुनिक फर्नीचर की शत-प्रतिशत आपूर्ति पूरी की जा चुकी है:
"ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच"
"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को चरणबद्ध तरीके से इस डिजिटल क्रांति से जोड़ा जा रहा है। हमारा मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को गुणात्मक रूप से सुधारना, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और प्रतिभावान युवाओं को बिना किसी आर्थिक अड़चन के आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करना है।"
— अमित कुमार सिंह, निदेशक (पंचायतीराज विभाग, उत्तर प्रदेश)
योगी सरकार का यह 'मेगा प्लान' आने वाले समय में ग्रामीण उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है। इंटरनेट और आईटी इक्विपमेंट्स से लैस इन लाइब्रेरियों से जब गांवों के होनहार पढ़ेंगे, तो प्रशासनिक सेवाओं (UPSC/UPPSC) सहित विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी और सफलता के आंकड़े निश्चित रूप से एक नया इतिहास रचेंगे।

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