यूपी रेरा की अर्धवार्षिक रिपोर्ट 2026: उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में बूम! पहली छमाही में 143 नई परियोजनाएं पंजीकृत, घर खरीदारों को मिले ₹2,173 करोड़
लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने वर्ष 2026 की अपनी अर्धवार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में 143 नई रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 46,049 आवासीय इकाइयों के निर्माण के तहत करीब ₹31,952 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
🏢 लखनऊ बना रियल एस्टेट का नया गंतव्य, नोएडा-गाजियाबाद में भी भारी निवेश
रिपोर्ट के अनुसार, अब यूपी का रियल एस्टेट विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रह गया है। राजधानी लखनऊ 37 नई परियोजनाओं के साथ प्रदेश में सबसे आगे रहा है। हालांकि, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) लक्जरी परियोजनाओं के कारण कुल निवेश (₹15,678 करोड़) और आवासीय इकाइयों के मामले में शीर्ष पर बना हुआ है।
📊 जनवरी-जून 2026 में शहरों की स्थिति (डेटा तालिका):
| क्र.सं. | शहर | परियोजनाएं | प्रस्तावित निवेश (करोड़ रु.) | आवासीय इकाइयां |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लखनऊ | 37 | ₹3,834 | 9,872 |
| 2 | गौतमबुद्ध नगर | 27 | ₹15,678 | 13,160 |
| 3 | गाजियाबाद | 19 | ₹6,989 | 9,500 |
| 4 | आगरा | 10 | ₹1,034 | 3,567 |
| 5 | मथुरा | 10 | ₹698 | 1,807 |
| 6 | वाराणसी | 7 | ₹715 | 655 |
| 7 | बाराबंकी | 3 | ₹428 | 815 |
| 8 | प्रयागराज | 3 | ₹292 | 410 |
| 9 | झांसी | 3 | ₹105 | 245 |
| 10 | गोरखपुर | 2 | ₹71.5 | 474 |
💰 घर खरीदारों को वापस दिलाए गए ₹2,173.78 करोड़
यूपी रेरा ने पीड़ित घर खरीदारों को बड़ी राहत दिलाते हुए कुल 8,212 मामलों में ₹2,173.78 करोड़ की राशि वापस कराई है। इनमें जिला प्रशासन के जरिए 6,411 मामलों में ₹1,623.28 करोड़ बैंक खातों में रिफंड कराए गए, जबकि रिकवरी सर्टिफिकेट के बाद बिल्डरों से समझौते के जरिए 1,801 आवंटियों को ₹550.50 करोड़ दिलाए गए।
⚖️ ₹6,032 करोड़ से अधिक के संपत्ति विवादों का समाधान
अर्धवार्षिक अवधि में रेरा ने कुल 11,558 मामलों का निस्तारण कर ₹6,032.42 करोड़ मूल्य के प्रॉपर्टी विवादों को सुलझाया है:
- रेरा पीठ (Benches): 3,237 मामलों में ₹1,958 करोड़ के विवाद निपटे।
- सुलह मंच (Conciliation): 1,648 मामलों में ₹657 करोड़ के विवाद हल हुए।
- ऑनलाइन पोर्टल: 6,673 आवंटियों के मामलों में आपसी सहमति से ₹3,417.42 करोड़ के विवादों का समाधान हुआ।
“यह रिपोर्ट दिखाती है कि यूपी के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और यूपी रेरा की पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्ध परियोजना पूर्ण कराने की प्रतिबद्धता का ही यह परिणाम है। एनसीआर के अलावा अन्य शहरों का विकास होना बेहद उत्साहजनक है।”
— संजय भूसरेड्डी, अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश रेरा)

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