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यूपी में 1.95 लाख पुराने वाहन स्क्रैप, नए वाहन पर रोड टैक्स में 15% की छूट

UP Vehicle Scrap Policy 2026: पुराने वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, मालिकों को टैक्स में छूट

UP Vehicle Scrap Policy: योगी सरकार की नीति से बदलेगी तस्वीर, 1.95 लाख से अधिक पुराने वाहन चलन से बाहर, वाहन मालिकों को मिलेंगे कई फायदे

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की 'व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी' सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। इस नीति के जरिए प्रदेश में 1.95 लाख से अधिक पुराने व अनुपयोगी वाहनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा चुका है, जिससे प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ निवेश व रोजगार को भी नई रफ्तार मिल रही है।

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पॉलिसी लागू होने के बाद 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1.85 लाख से अधिक निजी (Private) और 10 हजार से अधिक सरकारी वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों के माध्यम से स्क्रैप किया जा चुका है। पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार के 'वी-स्क्रैप पोर्टल' व वाहन प्रणाली का सहारा लिया जा रहा है।

📢 प्रदेश में स्क्रैपिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार

  • 50 स्क्रैपिंग सेंटर संचालित: उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 101 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से 50 केंद्र पूरी तरह से संचालित हो रहे हैं।
  • 30 नए केंद्रों पर विचार: जिन जिलों में अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में 30 नए स्क्रैपिंग केंद्रों के प्रस्ताव और आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।
  • पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था: पूरी स्क्रैपिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है और वाहन स्वामियों को कार्यालयों की अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली है।

⚙️ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) से तय होती है फिटनेस

इस पॉलिसी के तहत वाहनों की फिटनेस जांच बेहद आधुनिक तरीके से की जाती है:

  • वाहनों की जांच आधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) में अत्याधुनिक कम्प्यूटरीकृत मशीनों से की जाती है, जिसमें किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता।
  • यदि कोई पुराना वाहन तय तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसे अनफिट घोषित कर दिया जाता है।
  • पुनः परीक्षण (Re-test) में भी असफल रहने पर वाहन को 'एंड ऑफ लाइफ व्हीकल' (ELV) घोषित करके स्क्रैपिंग की प्रक्रिया में डाल दिया जाता है।

💰 वाहन मालिकों को मिल रहे हैं ये बड़े फायदे व छूट

योगी सरकार की इस नीति में वाहन स्वामियों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत कई आकर्षक लाभ दिए जा रहे हैं:

  1. रोड टैक्स में भारी छूट: अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर वाहन जमा करने के बाद मालिकों को 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' (जमा प्रमाणपत्र) जारी किया जाता है। इस प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने पर निजी वाहनों के लिए रोड टैक्स में 15% तक और व्यावसायिक (Commercial) वाहनों के लिए 10% तक की छूट दी जा रही है।
  2. स्क्रैप का मूल्य: वाहन मालिक को उसके स्क्रैप किए गए वाहन की उचित कीमत (स्क्रैप वैल्यू) भी नगद प्राप्त होती है।
  3. प्रमाणपत्र बेचने की सुविधा: यदि वाहन स्वामी तुरंत नया वाहन नहीं खरीदना चाहता, तो वह अपने डिपॉजिट प्रमाणपत्र को किसी अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को निर्धारित व्यवस्था के तहत बेच भी सकता है।

📈 उद्योगों को फायदा और रोजगार के नए अवसर

इस नीति का उद्देश्य केवल सड़कों से पुराने वाहनों को हटाना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और स्वच्छ आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है। इस नीति से ऑटोमोबाइल, स्टील, एल्युमिनियम, तांबा, प्लास्टिक और रबर रीसाइक्लिंग उद्योगों को बेहतर कच्चा माल उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे विनिर्माण लागत (Manufacturing Cost) कम हो रही है। इसके साथ ही वाहन स्क्रैपिंग, लॉजिस्टिक्स, मशीन संचालन और पर्यावरण प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

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