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एकेटीयू में शुरू हुआ ऑनलाइन पोर्टल व वॉट्सऐप सेवा

AKTU Faceless Student System Portal WhatsApp Notification Service Lucknow: एकेटीयू के छात्रों को बड़ी राहत, अब घर बैठे 'फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम' से हल होंगी समस्याएं; सीधे वॉट्सऐप पर मिलेंगे अपडेट्स

एकेटीयू का बड़ा कदम: छात्रों के लिए शुरू हुआ 'ऑनलाइन फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम' पोर्टल; वॉट्सऐप पर सीधे मिलेंगे रिजल्ट व प्लेसमेंट अलर्ट्स

लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने प्रदेशभर के लाखों छात्रों को बड़ी सहूलियत दी है। कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय के निर्देशन में विश्वविद्यालय ने **'फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम (Faceless Student System)'** पोर्टल की शुरुआत की है। अब छात्रों को मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन या रिजल्ट संशोधन जैसे कामों के लिए लखनऊ या नोएडा कैंपस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

⚡ पोर्टल कैसे करेगा काम? (प्रमुख बिंदु)

  • ऑनलाइन ईआरपी पोर्टल: छात्र अपनी किसी भी समस्या या कार्य को AKTU ERP के फेसलेस स्टूडेंट सिस्टम पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।
  • डॉक्यूमेंट अपलोड व ट्रैकिंग: अपनी शिकायत/मांग से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने पर छात्र को एक विशिष्ट ग्रीवांस नंबर (Grievance Number) मिलेगा, जिससे वे अपने कार्य की ऑनलाइन ट्रैकिंग कर सकेंगे।
  • ऑनलाइन अलर्ट: यदि कोई दस्तावेज छूटा होगा, तो छात्र को तुरंत ऑनलाइन संदेश भेज दिया जाएगा। पहले ही दिन करीब 300 छात्रों ने पोर्टल पर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।

📲 अब सीधे वॉट्सऐप से जुड़ेंगे AKTU के छात्र और शिक्षक

विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों और शिक्षकों को तुरंत और सटीक जानकारी देने के लिए **आधिकारिक वॉट्सऐप मैसेजिंग सर्विस** भी शुरू की है:

  • त्वरित सूचनाएं: रिजल्ट, प्लेसमेंट ड्राइव या परीक्षा से जुड़े अपडेट्स सीधे छात्र व शिक्षकों के वॉट्सऐप पर भेजे जाएंगे।
  • ऑटोमेटेड AKTU WhatsApp: यह संदेश किसी व्यक्तिगत नंबर के बजाय आधिकारिक **'AKTU WhatsApp'** नाम से छात्रों के फोन पर प्रदर्शित होगा।

📍 प्रदेश के 750+ कॉलेजों के छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

सहारनपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर या आगरा जैसे दूर-दराज के जिलों से आने वाले छात्रों का अब समय और पैसा दोनों बचेगा। परीक्षा नियंत्रक **प्रो. दीपक नगरिया** ने बताया कि इस व्यवस्था से कार्य पारदर्शी और तेजी से निस्तारित होंगे। सभी संबद्ध संस्थानों के निदेशकों को भी पत्र जारी कर दिया गया है।

💬 क्या बोले छात्र? (Student Reactions)

“माइग्रेशन के लिए मिर्जापुर से आई थी। यहां आकर विश्वविद्यालय की इस पहल का पता चला। अब हमें बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और कार्य की प्रगति भी घर बैठे दिख जाएगी।”

— आंचल द्विवेदी, छात्रा (मिर्जापुर)

“बीटेक के काम से आगरा से आया था। ऑनलाइन पोर्टल से लाखों छात्रों का समय और किराया दोनों बचेगा। विश्वविद्यालय का यह निर्णय बहुत ही सराहनीय है।”

— प्रद्युमन तिवारी, छात्र (आगरा)

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