कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 2 बच्चों समेत 11 लोगों की दर्दनाक मौत, 22 झुलसे; पूरी फैक्ट्री व 3 मकान जमींदोज, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी
कौशांबी: प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मोहम्मदपुर गांव में सोमवार दोपहर एक अवैध/वैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए भीषण विस्फोट से भारी तबाही मच गई। दोपहर लगभग 12:30 बजे हुए इस विनाशकारी धमाके में दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 22 अन्य मजदूर व ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना तीव्र था कि फैक्ट्री पूरी तरह ढह गई और 100 मीटर के दायरे में बने कई मकान धराशायी हो गए।
📌 कौशांबी पटाखा फैक्ट्री हादसे के मुख्य बिंदु:
- हताहत: 11 की मौत (2 बच्चे शामिल), 22 लोग गंभीर रूप से घायल/झुलसे।
- क्षति का दायरा: पूरी फैक्ट्री जमींदोज, 3 पड़ोसी मकान पूरी तरह ध्वस्त, 8 अन्य मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
- धमाके की तीव्रता: लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनी गई विस्फोट की आवाज।
- राहत एवं बचाव दल: NDRF, SDRF, यूपी पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एयरफोर्स की टीमें तैनात।
- चिकित्सा व्यवस्था: गंभीर घायलों को तत्काल प्रयागराज के एसआरएन/स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया।
2 किलोमीटर तक गूंजा धमाका, लगातार होते रहे शृंखलाबद्ध विस्फोट
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आसमान में बारूद और मलबे का काला गुबार छा गया। विस्फोट की आवाज लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में सुनी गई, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। मुख्य धमाके के बाद भी परिसर में रखे तैयार पटाखों और बारूद के स्टॉक में रुक-रुक कर शृंखलाबद्ध विस्फोट होते रहे, जिसके कारण बचाव दलों को शुरुआत में मलबे के करीब पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
📊 हादसे में हुए नुकसान और हताहतों का विवरण
| विवरण / मद | संख्या / स्थिति |
|---|---|
| कुल मृतकों की संख्या | 11 (2 मासूम बच्चे शामिल) |
| घायल व झुलसे लोग | 22 लोग (कई की हालत नाजुक) |
| पूरी तरह नष्ट मकान | पटाखा फैक्ट्री + 3 आवासीय मकान |
| आंशिक क्षतिग्रस्त मकान | 100 मीटर के दायरे में 08 मकान |
| रेस्क्यू मशीनरी | 10 बुलडोजर / जेसीबी और क्रेनें तैनात |
NDRF, SDRF, पुलिस और एयरफोर्स का संयुक्त महाअभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) तथा निकटवर्ती एयरफोर्स स्टेशन की विशेष आपदा प्रबंधन टीमों को बुलाया गया।
घटनास्थल पर लगभग 10 बुलडोजरों और आधुनिक सर्च उपकरणों की मदद से कंक्रीट और ईंटों का मलबा हटाया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग दबे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
प्रयागराज रेफर किए गए गंभीर घायल, जांच के आदेश
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे लोगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर प्रयागराज स्थित उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विस्फोट के प्राथमिक कारणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। फैक्ट्री के लाइसेंस, बारूद भंडारण की निर्धारित सीमा और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की गहन समीक्षा के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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