एलडीए का बड़ा एक्शन: ब्लैकमेलिंग व अनर्गल शिकायतों पर विजिलेंस जांच, टॉप 50 'पेशेवर शिकायतकर्ताओं' की सूची सौंपी; सीसीटीवी फुटेज से चिह्नित होंगे बिचौलिये
लखनऊ। शहर में हो रहे निर्माण कार्यों को अवैध बताकर आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल और अन्य माध्यमों से लगातार फर्जी शिकायतें करने वाले **टॉप 50 पेशेवर शिकायतकर्ताओं** पर शिकंजा कस गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष **प्रथमेश कुमार** ने इन सभी 50 शिकायतकर्ताओं के नाम व मोबाइल नंबरों की सूची उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance) को सौंप दी है।
🔍 जांच में सहयोग के लिए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित
मामले की निष्पक्ष और तेज जांच के लिए एलडीए वीसी ने सचिव **विवेक श्रीवास्तव** की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विजिलेंस को 24 घंटे के भीतर प्रकरण से संबंधित सभी आईजीआरएस पत्रावलियां, दस्तावेज और वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराएगी।
📹 1 महीने की सीसीटीवी फुटेज से बेनकाब होंगे बिचौलिये
विजिलेंस जांच को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एलडीए उपाध्यक्ष ने सख्त कदम उठाए हैं:
- घटना के दिन की फुटेज: रिश्वतकांड की घटना वाले दिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे के बीच की सीसीटीवी फुटेज विजिलेंस को तुरंत दी जा रही है।
- बिचौलियों की पहचान: प्राधिकरण भवन में बीते 1 महीने की सीसीटीवी फुटेज भी अलग से विजिलेंस को दी जा रही है ताकि प्रवर्तन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के आसपास मंडराने वाले दलालों, बिचौलियों और अराजक तत्वों को चिह्नित कर सख्त विधिक कार्रवाई की जा सके।
“भ्रष्टाचार एवं अनर्गल गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। आईजीआरएस पर अवैध निर्माण की प्राप्त शिकायतों का सघन परीक्षण करने के बाद ही अब कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”
— प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष (लखनऊ विकास प्राधिकरण)⚖️ दोषी कर्मचारियों पर गिर चुकी है गाज
रिश्वत प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रवर्तन जोन-5 में तैनात पंप ऑपरेटर चंद्र प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, आरोपी अवर अभियंता (JE) दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ भी निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेज दिया गया है।

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