जोन-7 में महापौर सुषमा खर्कवाल का औचक निरीक्षण: इंदिरा नगर में सीवर, पेयजल और पार्कों की बदहाली पर कड़ा रुख; अधिकारियों को 2 दिन में निस्तारण का अल्टीमेटम
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर-सी में सीवर ओवरफ्लो और दूषित पेयजल आपूर्ति की लगातार मिल रही शिकायतों का लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने कड़ा संज्ञान लिया है। सोमवार को महापौर ने जोन-7 क्षेत्र का अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम और जलकल विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
⏰ 2 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनने के बाद महापौर ने सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने नगर निगम व जलकल विभाग के अधिकारियों को दो दिनों के भीतर (48 घंटे) सीवर और पेयजल की सभी समस्याओं को दूर कर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया।
🚫 गंदगी और पार्कों की दुर्दशा पर अधिकारियों को फटकार
निरीक्षण के दौरान महापौर ने सेक्टर-सी के आवासीय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था और पार्कों का जायजा लिया। जगह-जगह फैली गंदगी, नियमित कूड़ा न उठने और पार्कों की खस्ताहाल स्थिति देखकर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- नियमित डोर-टू-डोर सफाई: रोजाना समय पर सफाई और कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए।
- पार्कों का सुंदरीकरण: हरित क्षेत्रों का उचित रखरखाव और पार्कों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए।
- समयबद्ध मॉनिटरिंग: जोनल अधिकारी खुद विकास और जनसुविधा कार्यों की रोजाना मॉनिटरिंग करें।
👥 निरीक्षण में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
महापौर के साथ औचक निरीक्षण में मुख्य रूप से अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन, जलकल जीएम कुलदीप सिंह, जोनल अधिकारी विकास सिंह, पार्षद प्रतिनिधि सूरज जसवानी सहित नगर निगम और जलकल विभाग के कई जोनल इंजीनियर व कर्मचारी मौजूद रहे।
“नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीवर, पेयजल या सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दो दिन में कार्य धरातल पर दिखना चाहिए।”
— सुषमा खर्कवाल, महापौर (लखनऊ)

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