लखनऊ में चरमराई सफाई व्यवस्था: LSA कंपनी पर फूटा पार्षद का गुस्सा; बोले- "जब पार्षद के घर का दो दिन से नहीं उठा कूड़ा, तो आम जनता का क्या हाल?"
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के महात्मा गांधी विक्रमादित्य वार्ड-17 में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति बेकाबू हो गई है। वार्ड के पार्षद का गुस्सा सफाई का जिम्मा संभाल रही **LSA (लखनऊ स्वच्छता अभियान)** कंपनी पर फूटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 5 दिनों से लगातार शिकायतों के बावजूद न तो सफाई व्यवस्था सुधरी और न ही कोई कार्रवाई हुई।
“जब पार्षद के घर का कूड़ा लगातार दो दिनों तक नहीं उठाया गया, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। LSA कंपनी नगर निगम से भुगतान लेने में सबसे आगे रहती है, लेकिन वार्ड की सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।”
— अमित चौधरी पार्षद, महात्मा गांधी विक्रमादित्य वार्ड-17 (लखनऊ)📍 इन प्रमुख इलाकों में रोजाना नहीं उठ रहा कूड़ा:
वार्ड के कई रिहाइशी क्षेत्रों से रोजाना कूड़ा न उठने और गंदगी का ढेर लगने की लगातार शिकायतें आ रही हैं:
- जियामऊ (Jiyamau)
- बदरिया बाग (Badariya Bagh)
- क्रिश्चियन कॉलोनी (Christian Colony)
- उदयगंज (Udayganj)
- कैंट रोड (Cantt Road)
- नई बस्ती एवं बर्फ खाना (Nai Basti & Barf Khana)
🚨 दफ्तर के ठीक सामने बदहाली: LSA के हेड ऑफिस वाले वार्ड का यह हाल
पार्षद ने हैरानी जताते हुए बताया कि **LSA कंपनी का मुख्य कार्यालय भी जियामऊ स्थित इसी वार्ड में है**, जहाँ से पूरे लखनऊ शहर के लिए कूड़ा उठाने वाली गाड़ियाँ संचालित होती हैं। इसके बावजूद कंपनी के अपने ही वार्ड में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का ढर्रा पूरी तरह ध्वस्त है।
📞 '10 मिनट में गाड़ी भेजने' का झूठा आश्वासन
पार्षद के अनुसार, उन्होंने LSA कंपनी के जोनल अधिकारियों से लेकर एमडी अभय रंजन तक कई बार शिकायत की। एमडी अभय रंजन ने फोन पर 10 मिनट के भीतर कूड़ा उठवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई गाड़ी नहीं पहुंची।
⚖️ नगर निगम से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
पार्षद ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि LSA कंपनी की कार्यशैली और अनुबंध की शर्तों का कड़ाई से परीक्षण किया जाए तथा घोर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


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