संवाद के जरिए नारी सशक्तीकरण को नई दिशा: 'नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम' पर 100 से अधिक छात्राओं ने रखे विचार; 1 सितंबर को होगा पुरस्कार वितरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को एक दिवसीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय 'नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम' रहा, जिसमें महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने मौलिक विचार प्रस्तुत किए।
📌 निबंध प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु:
- आयोजक: उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय।
- मुख्य विषय: नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण)।
- प्रतिभागिता: 100 से अधिक छात्राओं ने निबंध के माध्यम से प्रस्तुत किए नीतिगत विचार।
- शुभारंभ: प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव द्वारा छात्राओं को कॉपी-पेन वितरित कर प्रतियोगिता की शुरुआत।
- पुरस्कार वितरण: 1 सितंबर को शीर्ष तीन विजेताओं को नकद/पुरस्कार एवं सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र।
संवैधानिक अधिकारों और महिला आरक्षण पर हुआ वैचारिक मंथन
इस निबंध प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं छात्राओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों, संसद व विधानसभाओं में महिला प्रतिनिधित्व और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दूरगामी प्रभावों से अवगत कराना रहा।
प्रतिभागियों ने राजनीति में महिलाओं के समक्ष आने वाली सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बाधाओं का गहराई से विश्लेषण करते हुए अपने निबंधों में नेतृत्व विकास के सुझाव दिए।
📊 कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
| विवरण / मद | संबंधित जानकारी |
|---|---|
| आयोजन संस्थाएं | उ.प्र. भाषा संस्थान + पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय |
| निबंध का शीर्षक | नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम |
| प्रतिभागियों की संख्या | 100+ छात्राएं |
| समापन व सम्मान समारोह | 1 सितंबर 2026 (महाविद्यालय सभागार) |
1 सितंबर को घोषित होंगे परिणाम, प्रतिभागियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र
"भाषा संस्थान का निरंतर प्रयास है कि शैक्षणिक परिसरों में समसामयिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर युवा शक्ति को अभिव्यक्त करने का मंच मिले। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने समकालीन राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया है। सभी प्रतिभागियों को 1 सितंबर को सम्मानित किया जाएगा।"
— सर्वेश कुमार सिंह (निदेशक, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान)
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं में विश्लेषणात्मक लेखन और सार्वजनिक नीतियों के प्रति जागरूकता का संचार होता है।

0 टिप्पणियाँ