नवयुग कन्या महाविद्यालय में 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम लोक नैतिकता' पर वाद-विवाद प्रतियोगिता: छात्राओं ने रखे सारगर्भित तर्क, गुरिंदर कौर ने जीता प्रथम स्थान
लखनऊ: नवयुग कन्या महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा सोमवार को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम लोक नैतिकता” (Freedom of Expression Vs Public Morality) विषय पर एक दिवसीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों और सामाजिक सीमाओं के संतुलन पर अपने प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। कड़े मुकाबले में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा गुरिंदर कौर ने प्रथम स्थान हासिल किया।
📌 वाद-विवाद प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु:
- मुख्य विषय: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम लोक नैतिकता (Freedom of Expression Vs Public Morality)।
- आयोजक: समाजशास्त्र विभाग, नवयुग कन्या महाविद्यालय, लखनऊ।
- प्रथम पुरस्कार: गुरिंदर कौर (बीए तृतीय वर्ष)।
- मार्गदर्शन: कार्यवाहक प्राचार्या मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता सिंह।
- निर्णायक मंडल: प्रो. आभा पाल (प्राचीन भारतीय इतिहास) एवं श्रीमती नीलम (शिक्षा शास्त्र विभाग)।
स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सामाजिक समरसता में संतुलन पर हुआ मंथन
प्रतियोगिता के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी जीवंत लोकतंत्र का मूल आधार है, जो विचारों, स्वस्थ आलोचना और असहमति को मंच प्रदान करती है। वहीं दूसरी ओर, लोक नैतिकता समाज के साझा मूल्यों, सद्भाव और आपसी एकजुटता को अक्षुण्ण रखने के लिए अनिवार्य है।
प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि असीमित अभिव्यक्ति व्यक्ति की गरिमा और सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकती है, जबकि नैतिकता के नाम पर अनुचित पाबंदियां सत्य और स्वतंत्र विचारों का दमन कर सकती हैं। अतः संवैधानिक दायरे में युक्तिसंगत प्रतिबंधों के साथ अभिव्यक्ति को संरक्षित करना समय की मांग है।
🏆 प्रतियोगिता परिणाम एवं पुरस्कार विजेता सूची
| स्थान / पुरस्कार | विजेता छात्रा का नाम | कक्षा / संकाय |
|---|---|---|
| प्रथम स्थान 🥇 | गुरिंदर कौर | बीए तृतीय वर्ष |
| द्वितीय स्थान 🥈 | अल्फीशा नूरी अंसारी | बीए प्रथम वर्ष |
| तृतीय स्थान 🥉 (संयुक्त) | दीपांशी तिवारी एवं खुशी कुमारी | बीए द्वितीय वर्ष / बीएससी तृतीय वर्ष |
| सांत्वना पुरस्कार 🎖️ | वेदिका तिवारी एवं नाज़िया | बीए तृतीय वर्ष |
तार्किक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने सभी प्रतिभागियों के प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं में समसामयिक व राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर तार्किक, संतुलित और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण का विकास होता है।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संयोजन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता सिंह के कुशल निर्देशन में विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. आभा दुबे, डॉ. नेहा यादव एवं डॉ. अपर्णा राय द्वारा किया गया।


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