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Nepal Flood Rescue: नेपाल में रेस्क्यू के लिए यूपी से पहुंचीं राहत टीमें, परिजनों की सहायता के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी

नेपाल आपदा में फंसे यूपी के नागरिकों को निकालने के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा: SDRF और PAC की टीमें रवाना, रबर व एल्युमिनियम बोट्स से रेस्क्यू शुरू

📍 स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश / नेपाल सीमा | 📅 दिनांक: 27 अगस्त 2026 | 🚨 श्रेणी: आपदा प्रबंधन, बचाव अभियान एवं शासन

लखनऊ: नेपाल में भयंकर बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच वहां फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष प्रशिक्षित SDRF और PAC के जवानों को अत्याधुनिक रबर व एल्युमिनियम बोट्स के साथ ग्राउंड जीरो पर तैनात किया गया है।

📌 रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े प्रमुख बिंदु:

  • तैनात बल: एसडीआरएफ की 32 सदस्यीय प्लाटून एवं पीएसी 26वीं बटालियन के 22 जवान नेपाल रवाना।
  • बचाव उपकरण: मौके पर 4 रबर बोट्स सक्रिय, अतिरिक्त एसडीआरएफ टीम के साथ मजबूत एल्युमिनियम बोट्स भेजी गईं।
  • सक्रिय क्षेत्र: सिंधुरिया और सीमावर्ती बाढ़ प्रभावित इलाकों में सघन राहत-बचाव कार्य।
  • कंट्रोल रूम व मॉनिटरिंग: राहत आयुक्त कार्यालय से सीमावर्ती क्षेत्रों और जलस्तर की 24×7 निगरानी।
  • हेल्पलाइन नंबर: नेपाल में फंसे नागरिकों के परिजनों की सहायता व जानकारी हेतु 1070 हेल्पलाइन जारी।

मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि संकट की इस घड़ी में हर एक नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित विशेष कंट्रोल रूम से भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों—महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत की स्थितियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टीमों और बैकअप संसाधनों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

रबर और एल्युमिनियम बोट्स से चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान

बाढ़ के तेज बहाव और पहाड़ी मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष बोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है:

  • 4 रबर बोट्स: उथले और संकरे जलजमाव वाले क्षेत्रों में त्वरित आवागमन के लिए तैनात।
  • एल्युमिनियम बोट्स: नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भेजी गईं।
  • सिंधुरिया क्षेत्र: इस इलाके में राहत शिविरों और रेस्क्यू कॉरिडोर की स्थापना की गई है ताकि निकाले गए लोगों को प्राथमिक उपचार व भोजन तुरंत मिल सके।

परिजनों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन '1070' सक्रिय

📞 आपातकालीन हेल्पलाइन: 1070

नेपाल यात्रा, व्यापार या किसी कार्य से गए उत्तर प्रदेश के नागरिकों के परिजन अपने संबंधियों की कुशलक्षेम, लोकेशन या किसी भी आपात सहायता के लिए राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम से त्वरित समन्वय कर सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार का संकल्प: उत्तर प्रदेश सरकार पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय में है ताकि राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके।

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