जीएसटी ब्याज माफी योजना-2026 का सीमेंट व्यापार संघ ने किया स्वागत: यूपीआई से एमडीआर खत्म करने की मांग, डालमिया सीमेंट देगा डीलरों व कर्मचारियों को मुफ्त बीमा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ ने वाणिज्य कर विभाग द्वारा लाई गई जीएसटी ब्याज माफी योजना-2026 का स्वागत करते हुए सीमेंट व्यवसाय से जुड़ी नीतियों में सुधार का आह्वान किया है। राजधानी के होटल दयाल पैराडाइज में आयोजित संयुक्त बैठक में व्यापारियों, जीएसटी विभाग के आला अधिकारियों और प्रमुख सीमेंट निर्माता डालमिया सीमेंट के शीर्ष प्रतिनिधियों ने कारोबार की जमीनी समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया। संघ ने डिजिटल लेनदेन पर यूपीआई से एमडीआर (MDR) को स्थायी रूप से हटाने, आयकर को जीएसटी में समाहित करने तथा सीमेंट कंपनियों द्वारा की जाने वाली ओवर-बिलिंग व एडवांस चालानिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई।
📌 सीमेंट व्यापार संघ सम्मेलन: मुख्य बिंदु
- जीएसटी ब्याज माफी योजना: विभाग ने व्यापारियों से समय से लाभ लेने की अपील की; संघ ने बिना औपचारिक जटिलता के सीधे नो-ड्यूज सर्टिफिकेट देने की वकालत की।
- यूपीआई पर एमडीआर की समाप्ति: डिजिटल पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को अस्थायी स्थगन के बजाय कानूनन हमेशा के लिए समाप्त करने की मांग।
- ओवर-बिलिंग और एडवांस चालान पर रोक: सीमेंट कंपनियों द्वारा बिक्री दर से अधिक की बिलिंग व एडवांस चालानिंग से डीलरों की फंसी पूंजी को मुक्त कराने पर सहमति।
- डालमिया सीमेंट का बड़ा ऐलान: डीलरों, उनके कर्मचारियों और परिवहन के दौरान माल की सुरक्षा के लिए पूर्णतः मुफ्त बीमा योजना लागू करने का दिया भरोसा।
- आयकर-जीएसटी समायोजन: 'एक देश, एक कर' की मूल भावना के तहत आयकर को भी जीएसटी में समाहित करने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय।
📊 प्रमुख मुद्दे, विभागीय रुख एवं कॉर्पोरेट प्रतिबद्धता
| प्रमुख विषय | व्यापार संघ की मांग | प्रशासन / कंपनी का निर्णय |
|---|---|---|
| जीएसटी ब्याज माफी | प्रक्रिया सरल हो; पात्र मामलों में सीधे देयता समाप्त कर वर्तमान तिथि तक विस्तार मिले | जीएसटी विभाग ने पात्र व्यापारियों को समय पर आवेदन कर लाभ उठाने का आह्वान किया |
| डिजिटल पेमेंट (UPI) | UPI पर लगने वाले MDR को स्थायी रूप से कानूनी तौर पर शून्य किया जाए | जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने पर सहमति |
| ओवर बिलिंग व एडवांस चालान | डीलरों की पूंजी फंसने से रोकने हेतु वास्तविक बिक्री दर पर ही बिलिंग हो | डालमिया सीमेंट ने ओवर बिलिंग व एडवांस चालान बंद करने का पूर्ण समर्थन किया |
| डीलर व कर्मचारी सुरक्षा | परिवहन क्षति एवं दुर्घटनाओं में आर्थिक संरक्षण मिले | डालमिया सीमेंट डीलरों, कर्मियों और माल हेतु निशुल्क बीमा उपलब्ध कराएगा |
जीएसटी ब्याज माफी योजना: जटिलताओं को खत्म करने की अपील
बैठक के तकनीकी सत्र में जीएसटी विभाग के एडीशनल कमिश्नर रामप्रकाश पांडेय और डिप्टी कमिश्नर-12 अखिलेश दुबे ने व्यापारियों को जीएसटी ब्याज माफी योजना-2026 की विस्तृत नियमावली से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना लंबित विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का स्वर्णिम अवसर है।
“व्यापारियों को लंबी कागजी प्रक्रियाओं और आवेदनों में उलझाने के बजाय सरकार को चाहिए कि वह पात्र मामलों का स्वतः संज्ञान लेकर बकाया शून्य करे और सीधे 'नो-ड्यूज सर्टिफिकेट' निर्गत करे। साथ ही, योजना की कट-ऑफ डेट 31 दिसंबर 2025 तक सीमित रखने के स्थान पर इसे वर्तमान तिथि तक प्रभावी किया जाना चाहिए।”
— श्याममूर्ति गुप्ता (वरिष्ठ पदाधिकारी, उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ)
डालमिया सीमेंट की ऐतिहासिक पहल: मुफ्त बीमा और पारदर्शी बिलिंग
सम्मेलन में मुख्य अतिथि डालमिया सीमेंट के जोनल हेड अमिताभ पांडेय एवं जनरल मैनेजर अनुज तिवारी ने व्यापार संघ के साथ तालमेल बिठाते हुए डीलर-हितैषी नीतियों की घोषणा की।
- वास्तविक बाजार मूल्य पर बिलिंग: कंपनी अब कृत्रिम रूप से ऊंची दरों पर बिल बनाने (Over-billing) के बजाय वास्तविक बिक्री दर के आधार पर पारदर्शी इनवॉइसिंग करेगी।
- एडवांस चालानिंग पर रोक: बिना माल डिस्पैच किए पहले से चालान काटने की व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा, जिससे डीलरों पर अवांछित टैक्स व वित्तीय भार न पड़े।
- व्यापक सुरक्षा कवच: कंपनी अपने नेटवर्क के डीलरों, दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों और ट्रांजिट में सीमेंट की बोरियों के नुकसान की भरपाई के लिए मुफ्त बीमा पॉलिसी उपलब्ध कराएगी।
संघ ने डालमिया सीमेंट के इस साहसिक कदम का स्वागत करते हुए अल्ट्राटेक, एसीसी, अंबुजा और बिड़ला जैसी अन्य सभी प्रमुख कंपनियों से भी इसी मॉडल को अपनाने की अपील की।
यूपीआई एमडीआर और आयकर के समायोजन पर केंद्र से गुहार
लखनऊ अध्यक्ष अभिषेक मंसानी ने खुदरा व थोक कारोबारियों की डिजिटल पेमेंट से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि छोटे से बड़े डीलर तक सरकार के कैशलेस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने की किसी भी चर्चा या संभावना को स्थायी तौर पर दफन कर दिया जाना चाहिए।
व्यापारी नेता दीपक सिंघल और मनीष मोदी ने जीएसटी काउंसिल के स्तर पर नियमों को सरल बनाने और व्यापार को 'ईज ऑफ डूइंग' के अनुरूप ढालने की मांग रखी। संघ ने दोहराया कि जब जीएसटी लागू हुआ था, तब आयकर को भी इसमें समाहित करने की अवधारणा पर चर्चा हुई थी; अब समय आ गया है कि दोहरे कराधान के बोझ को खत्म करने के लिए इस दिशा में ठोस विधायी कदम उठाए जाएं।
संरक्षक नरेश जैन, कमल अग्रवाल, अभिषेक मंसानी, श्याममूर्ति गुप्ता, प्रवीण खंडेलवाल, मनोज सिंह, कुलदीप गुप्ता, मुद्दसिर भाई, विजय साहू, अंकुर जैन, ज्ञान तिवारी, निखिल प्रताप, मनीष मोदी, दीपक सिंघल, विमल राठौर, प्रवीण कुमार मिश्रा, जिम्मी गर्ग, ओमप्रकाश अवस्थी, मुकेश कुमार, अजय कुमार, महेश गर्ग, नागेंद्र सिंह, मोहम्मद अमीन, रवीन्द्र प्रताप एवं महेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में डीलर उपस्थित रहे।


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