हरित ऊर्जा में यूपी का जलवा: देश में रूफटॉप सोलर में लखनऊ बना नंबर-1 जिला, भारत के टॉप 100 जनपदों में यूपी के 17 शहरों ने बनाई जगह
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत देश भर में रूफटॉप सोलर ऊर्जा का विस्तार करने के मामले में यूपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। देश के शीर्ष 100 जनपदों की राष्ट्रीय रैंकिंग सूची में उत्तर प्रदेश के कुल 17 जनपद शामिल हुए हैं।
☀️ 1.24 लाख सोलर संयंत्रों के साथ लखनऊ देश में टॉप पर
यूपी नेडा (UPNEDA) निदेशक रविन्दर सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 1,24,167 रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना के साथ पूरे देश में शीर्ष (नंबर-1) स्थान पर बरकरार है। इसके अलावा वाराणसी देश में 10वें स्थान पर तथा कानपुर नगर 14वें स्थान पर है।
📊 राष्ट्रीय रैंकिंग: देश के शीर्ष 100 में शामिल यूपी के 17 जनपद
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने में उत्तर प्रदेश के जनपदों की स्थिति इस प्रकार है:
| देश में रैंक (National Rank) | जनपद (District) | कुल स्थापित संयंत्र (Total Solar Plants) |
|---|---|---|
| 1 | लखनऊ (Lucknow) | 1,24,167 |
| 10 | वाराणसी (Varanasi) | 48,829 |
| 14 | कानपुर नगर (Kanpur Nagar) | 43,289 |
| 24 | बरेली (Bareilly) | 28,315 |
| 29 | आगरा (Agra) | 26,375 |
| 37 | प्रयागराज (Prayagraj) | 23,773 |
| 51 | झांसी (Jhansi) | 18,354 |
| 56 | रायबरेली (Raebareli) | 17,532 |
| 70 | गोरखपुर (Gorakhpur) | 14,498 |
| 73 | सहारनपुर (Saharanpur) | 13,821 |
| 75 | मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) | 13,464 |
| 78 | मेरठ (Meerut) | 13,137 |
| 79 | बाराबंकी (Barabanki) | 13,126 |
| 81 | अलीगढ़ (Aligarh) | 12,925 |
| 86 | शाहजहांपुर (Shahjahanpur) | 12,158 |
| 88 | सीतापुर (Sitapur) | 12,008 |
| 90 | उन्नाव (Unnao) | 11,779 |
💡 क्यों तेजी से बढ़ रहा है रूफटॉप सोलर का दायरा?
- सरल प्रक्रिया: राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृतियों को बेहद आसान बनाया गया है।
- सब्सिडी का सीधा लाभ: केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली आकर्षक सब्सिडी की समयबद्ध डिलीवरी।
- बिजली बिल से मुक्ति: रूफटॉप सोलर लगने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल न के बराबर हो रहे हैं और बची हुई बिजली ग्रिड में बेचकर आर्थिक आय भी हो रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार की इन नीतियों और जन-जागरूकता अभियानों के बल पर राज्य हरित ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहा है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आ रही है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बल मिल रहा है।

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