📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...

Pages

एमपी की तर्ज पर यूपी के ऊर्जा संविदा कर्मी भी हों नियमित, सीएम योगी से अपील

UP Power Contract Workers Regularisation Demand: एमपी की तर्ज पर यूपी के ऊर्जा संविदा कर्मी भी हों नियमित, संघर्ष समिति ने सीएम योगी से की अपील

मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगम संविदा कर्मी भी हों नियमित: संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की अपील, हटाए गए कर्मियों की बहाली की मांग

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बिजली निगमों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया है। संघर्ष समिति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की तर्ज पर यूपी में भी ऊर्जा निगमों के पात्र संविदा कर्मियों को नियमित करने की तत्काल घोषणा की जाए।

⚡ "अल्प वेतन पर दिन-रात सेवा दे रहे हजारों संविदा कर्मी"

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली निगमों में हजारों संविदा कर्मी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में और नाममात्र के वेतन पर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए कार्य कर रहे हैं। इनके परिश्रम का सम्मान करते हुए राज्य सरकार को मानवीय आधार पर नियमितीकरण का कर्मचारी-हितैषी निर्णय लेना चाहिए।

🚨 आउटसोर्स निगम में शामिल न करने और छंटनी पर जताई चिंता

संघर्ष समिति ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गठित 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' में आज तक ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मियों को आउटसोर्स निगम के दायरे से बाहर रखकर बड़े पैमाने पर उनकी छंटनी की जा रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

📜 मुख्यमंत्री से संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें:

  • तत्काल बहाली: नौकरी से हटाए गए सभी ऊर्जा संविदा कर्मियों को तुरंत काम पर वापस लिया जाए।
  • आउटसोर्स निगम में शामिल करना: सभी संविदा कर्मियों को 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' के अंतर्गत लाया जाए।
  • नियमितीकरण: मध्य प्रदेश सरकार की तरह वर्षों से सेवारत संविदा कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो।
  • छंटनी पर रोक: संविदा कर्मियों की छंटनी का सिलसिला तुरंत रोका जाए ताकि कर्मचारियों को आंदोलन के लिए विवश न होना पड़े।

संघर्ष समिति ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐतिहासिक निर्णय लेकर उत्तर प्रदेश के हजारों ऊर्जा निगम संविदा कर्मियों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें