देश की सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश: स्क्रैप पॉलिसी में नंबर-1, एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित हो रहे 23 बस अड्डे; 250 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के आधुनिकीकरण में ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। प्रदेश की बसों की औसत आयु महज 5 वर्ष 3 महीने दर्ज की गई है, जिसके साथ उत्तर प्रदेश देश की सबसे युवा बस फ्लीट (Youngest Bus Fleet) वाला राज्य बन गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश वाहन स्क्रैप नीति (Scrap Policy) को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।
📌 यूपी परिवहन की प्रमुख उपलब्धियां व आंकड़े:
- औसत बस आयु: यूपीएसआरटीसी की बसों की औसत आयु मात्र 5 साल 3 महीने।
- स्क्रैप पॉलिसी: देश में नंबर 1 राज्य; ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में दूसरा और DL जारी करने में तीसरा स्थान।
- इलेक्ट्रिक बसें: कैबिनेट से 250 नई ई-बसों की खरीद हेतु ₹400 करोड़ स्वीकृत।
- एयरपोर्ट स्तर के बस अड्डे: प्रदेश के 23 बस अड्डों का निजी-सार्वजनिक भागीदारी (PPP) मॉडल पर कायाकल्प।
- सड़क सुरक्षा नवाचार: देश में पहली बार एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) और 352 मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों की तैनाती।
250 नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए ₹400 करोड़ स्वीकृत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ अवसर पर परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने विभाग की उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया।
"परिवहन निगम के पास आज देश का सबसे आधुनिक और युवा बेड़ा है। प्रदूषण मुक्त यात्रा को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में कैबिनेट बैठक में ₹400 करोड़ की लागत से 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे पहले भी सरकार की ओर से ₹3,000 करोड़ स्वीकृत कर बेड़े को नया रूप दिया गया था।"
— दयाशंकर सिंह (परिवहन मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, उप्र)
सड़क सुरक्षा के लिए देश में पहली बार ARTO (रोड सेफ्टी) की तैनाती
सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने देश में पहली बार एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) का विशेष कैडर तैनात करने का निर्णय लिया है।
- तहसील स्तर तक विस्तार: मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) के 352 नए पदों की स्वीकृति से परिवहन विभाग का कार्यक्षेत्र जिला स्तर से बढ़कर तहसीलों तक पहुंचेगा।
- फिटनेस व लाइसेंस: ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित करने में यूपी देश में दूसरे और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) जारी करने में तीसरे स्थान पर है।
हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित हो रहे 23 अत्याधुनिक बस अड्डे
परिवहन विभाग यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए 23 प्रमुख बस अड्डों का पुनर्विकास कर रहा है:
- गोमती नगर डिपो (लखनऊ): ₹1,000 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक हब का निर्माण।
- अमौसी बस अड्डा: ₹600 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य जारी।
- चारबाग बस अड्डा: ₹250 करोड़ की लागत से रेलवे स्टेशन के समीप मॉडर्न टर्मिनल।
- नए प्रोजेक्ट्स: 6 नए बस अड्डों को कैबिनेट से मंजूरी मिली है, जिसमें ₹4,000 करोड़ से अधिक का निवेश होगा; 49 अन्य अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
जीपीएस, पैनिक बटन और 1090 से सुरक्षित 14 हजार बसें
परिवहन निगम की 14,000 से अधिक बसों में महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी बसें GPS ट्रैकिंग, CCTV कैमरों और पैनिक बटन से लैस हैं, जिन्हें महिला हेल्पलाइन 1090 और पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ा गया है।
आपातकाल में पैनिक बटन दबाते ही निगम की सर्विलांस टीम और नजदीकी पुलिस दस्ता तुरंत हरकत में आ जाएगा। साथ ही 60+ आयु की महिलाओं के लिए आजीवन व रक्षाबंधन पर सभी बहनों के लिए निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था लागू की गई है।

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