48 घंटे की अनवरत बारिश से लखनऊ बेहाल: सड़कों पर भीषण जलभराव, कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त और बिजली गुल; जनजीवन ठप
📌 राजधानी में भारी बारिश के प्रमुख प्रभाव:
- सड़कें लबालब: पुराने लखनऊ, निशातगंज, आलमबाग और तराई बस्तियों में घरों के बाहर 1 से 2 फीट तक पानी भरा।
- पेड़ गिरने से नुकसान: केकेसी के पास खड़ी कार पर पेड़ गिरा; रेलवे इंडोर हॉस्पिटल की बाउंड्री वॉल पर पेड़ गिरने से कई वाहन दबे।
- यातायात बाधित: रश्मि खंड से रुचि खंड मार्ग, सरपोटगंज डिवाइडर और जुड़वा मंदिर के पास पेड़ गिरने से आवागमन रुका।
- बिजली आपूर्ति ठप: तार टूटने और ट्रांसफार्मरों में खराबी के चलते शहर के दर्जनों मोहल्लों में 4 से 6 घंटे तक बिजली गुल।
- राहत: पेड़ गिरने और मलबे की चपेट में आने के बावजूद गनीमत रही कि किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
📊 बारिश व पेड़ गिरने से प्रभावित प्रमुख स्थल एवं क्षति का विवरण
| घटना स्थल / मोहल्ला | घटना का स्वरूप | प्रभाव / क्षति की स्थिति |
|---|---|---|
| केकेसी (KKC) के निकट | चार पहिया वाहन पर गिरा भारी पेड़ | कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त, जनहानि नहीं |
| रेलवे इंडोर हॉस्पिटल परिसर | बाउंड्री वॉल पर पेड़ गिरने से दीवार ढही | नीचे खड़े कई दोपहिया व वाहन दबे |
| निशातगंज (गली नंबर-4) | विशाल बरगद का पेड़ गिरा | गलियों का मार्ग अवरुद्ध, तार टूटे |
| रश्मि खंड - रुचि खंड मार्ग | डिवाइडर रोड व जुड़वा मंदिर के पास पेड़ गिरा | मुख्य संपर्क मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद |
ड्रेनेज सिस्टम पर भारी दबाव, पुराने लखनऊ में स्थिति गंभीर
राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम पर दो दिनों की लगातार वर्षा से जबर्दस्त दबाव बढ़ गया है। चौक, ठाकुरगंज, सआदतगंज, राजाजीपुरम के निचले इलाकों और जानकीपुरम व फैजुल्लागंज की कई अनियोजित बस्तियों में नालों का पानी गलियों में भर गया।
स्थानीय नागरिकों को जरूरी सामान और दवाओं के लिए घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। नगर निगम की क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) और पंपिंग स्टेशन जल निकासी के लिए संघर्ष करते दिखे, लेकिन रुक-रुककर हो रही तेज फुहारों से पानी निकालने के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
विद्युत व्यवस्था चरमराई, दर्जनों मोहल्लों में अंधेरा
बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली झोंकेदार हवाओं ने विद्युत ढांचे को भारी क्षति पहुंचाई। पेड़ की भारी टहनियां 11 केवी और एलटी लाइनों पर गिरने से फीडर ट्रिप हो गए।
"तेज हवा और पेड़ों के गिरने से कई जगह तार टूट गए हैं और इंसुलेटर पंचर हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से भी जलभराव वाले इलाकों में विद्युत आपूर्ति रोकी गई थी। तकनीकी टीमों को फील्ड में उतारकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।"
— मध्यांचल विद्युत वितरण निगम अधिकारी
पारे में भारी गिरावट, यातायात व्यवस्था प्रभावित
लगातार बारिश के चलते दिन के तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में सिहरन बढ़ गई है। सड़कों पर जलभराव और गिरे पेड़ों के कारण चार पहिया व दोपहिया वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर पानी में फंसने के कारण गाड़ियां बंद हो गईं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।


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