68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण मामला: ईको गार्डन पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आजाद, अभ्यर्थियों के धरने को दिया खुला समर्थन; आयोग के आदेश लागू करने की मांग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों के संघर्ष को बड़ा राजनीतिक संबल मिला है। राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहे अनवरत धरने में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना लोकसभा सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद पहुंचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। अभ्यर्थियों से रूबरू होते हुए उन्होंने राज्य सरकार से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुतियों का अविलंब अनुपालन करने की मांग की।
📌 चंद्रशेखर आजाद के दौरे व आंदोलन के प्रमुख बिंदु:
- सांसद का समर्थन: नगीना सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने धरना स्थल पर पहुंचकर अभ्यर्थियों से विधिक व प्रशासनिक पक्षों पर की चर्चा।
- आयोगों के आदेश का अनुपालन: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ओबीसी वर्ग को राहत देने की मांग।
- अफसरों की जवाबदेही: आरक्षण के नियमों की अनदेखी करने वाले तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
- विश्वास का संकट: सरकार किसी भी अधिकारी को बचाने के लिए जनता और युवाओं के बीच अविश्वास का माहौल न पैदा करे।
- अभ्यर्थियों का संकल्प: संशोधित परिणाम, पात्रों की नियुक्ति और दोषियों पर कार्रवाई होने तक जारी रहेगा आंदोलन।
📊 68500 शिक्षक भर्ती: प्रमुख विधिक मांगें एवं आयोग की स्थिति
| पक्ष / बिंदु | मांग एवं कानूनी संदर्भ |
|---|---|
| आरक्षण व कट-ऑफ छूट | OBC वर्ग को 5% की अनिवार्य छूट देकर 150 में से 60 अंक (40%) पर संशोधित मेरिट जारी करना |
| संवैधानिक आयोगों के आदेश | राज्य व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों को अक्षरशः लागू करना |
| प्रशासनिक जवाबदेही | भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की पहचान कर विधिक कार्रवाई |
| अभ्यर्थियों की स्थिति | लगभग 7 वर्षों से न्याय के इंतजार में लखनऊ के ईको गार्डन में अनवरत आंदोलन जारी |
"दोषी अफसरों को बचाने के बजाय युवाओं को न्याय दे सरकार": चंद्रशेखर आजाद
धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि शिक्षक भर्ती में संवैधानिक आरक्षण नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर वंचित और पिछड़े वर्ग के अधिकारों का हनन है।
"राज्य और केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग दोनों ने अपने आदेशों में अभ्यर्थियों के साथ हुई नाइंसाफी को माना है और समाधान के साथ-साथ दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार को अपने अधिकारियों को बचाने के लिए ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे युवाओं और जनता के बीच प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हों। इस न्याय की लड़ाई में हम पूरी मजबूती से सड़क से संसद तक अभ्यर्थियों के साथ खड़े हैं।"
— चंद्रशेखर आजाद (सांसद, नगीना एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, आजपा)
आरक्षण विसंगतियों के समाधान तक जारी रहेगा संघर्ष
धरनारत अभ्यर्थियों ने सांसद चंद्रशेखर आजाद का आभार व्यक्त करते हुए दोहराया कि यह लड़ाई केवल एक नौकरी की नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त आरक्षण के मूल अधिकारों की रक्षा की है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का पालन करते हुए ओबीसी वर्ग के 40% न्यूनतम अर्हक अंक के आधार पर संशोधित परिणाम जारी नहीं किया जाता और पात्र अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन नहीं मिल जाता, तब तक ईको गार्डन की जमीन पर उनका संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।


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