सिविल अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी और ई-हॉस्पिटल व्यवस्था का शुभारंभ: लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ देंगे सेवाएं; डिप्टी सीएम बोले— पूरे यूपी में लागू होगा यह मॉडल
लखनऊ: राजधानी के प्रतिष्ठित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय में गुरुवार को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ई-हॉस्पिटल (E-Hospital) परियोजना के तहत पेपरलेस डिजिटल सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी, न्यूरोसर्जरी वार्ड, न्यूरोसर्जरी ओटी एवं स्ट्रोक यूनिट का विधिवत उद्घाटन किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ हुए अंतर-विभागीय समन्वय (MoU) के तहत अब सिविल अस्पताल में ही न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी के शीर्ष विशेषज्ञ नियमित रूप से मरीजों को परामर्श व उपचार उपलब्ध कराएंगे।
📌 ई-हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के मुख्य बिंदु:
- प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं: कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), न्यूरोलॉजी (तंत्रिका तंत्र), नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग), न्यूरोसर्जरी वार्ड एवं अत्याधुनिक स्ट्रोक यूनिट।
- लोहिया संस्थान से समन्वय: आरएमएलआईएमएस के वरिष्ठ सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर तय दिनों में सिविल अस्पताल में देंगे परामर्श।
- डिजिटल ई-हॉस्पिटल: ऑनलाइन पंजीकरण, घर बैठे टाइम स्लॉट बुकिंग, पेपरलेस पर्चा और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा।
- मॉडल का राज्यव्यापी विस्तार: उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के समन्वय का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिला चिकित्सालयों में भी लागू होगा।
- स्वाइन फ्लू पर अपील: मौसमी बुखार के लक्षणों पर घबराने की जरूरत नहीं; मास्क पहनें और समय पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।
📊 सिविल अस्पताल में शुरू हुईं नई स्वास्थ्य सुविधाएं
| सुविधा / विभाग | सहयोगी संस्था | मरीजों को सीधा लाभ |
|---|---|---|
| कार्डियोलॉजी व नेफ्रोलॉजी OPD | डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान | हार्ट और किडनी की गंभीर बीमारियों का स्थानीय स्तर पर परामर्श |
| न्यूरोसर्जरी वार्ड, OT व स्ट्रोक यूनिट | सिविल अस्पताल प्रशासन | ब्रेन स्ट्रोक व हेड इंजरी के मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' में त्वरित उपचार |
| ई-हॉस्पिटल डिजिटल काउंटर | आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) | लंबी कतारों से मुक्ति, ऑनलाइन टोकन एवं डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड |
"मरीजों को अब विशेषज्ञ इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा": ब्रजेश पाठक
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार आम नागरिकों को उनके घर के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही उच्चस्तरीय विशेषज्ञ सेवाएं देने के लिए संकल्पबद्ध है।
"लोहिया संस्थान जैसे शीर्ष चिकित्सा संस्थान के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवाएं अब सीधे सिविल अस्पताल के ओपीडी कक्षों में मिलेंगी। मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी परामर्श के लिए बड़े मेडिकल संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के बीच इस समन्वय का सिविल अस्पताल मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।"
— ब्रजेश पाठक (उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री, उ.प्र.)
डिजिटल हेल्थकेयर: घर बैठे ऑनलाइन पर्चा और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन
सिविल चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी. पी. गुप्ता ने ई-हॉस्पिटल प्रणाली की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अस्पताल अब पूरी तरह आधुनिक डिजिटल कार्यप्रणाली में प्रवेश कर चुका है।
मरीज अब अपने मोबाइल फोन से घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कराकर स्लॉट ले सकेंगे। अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी के लिए अलग समर्पित पंजीकरण काउंटर स्थापित किया गया है। डॉक्टर द्वारा परामर्श के बाद मरीज को डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन जारी किया जाएगा, जिससे पर्चा खोने का झंझट समाप्त होगा और जांच रिपोर्ट सीधे सिस्टम से लिंक रहेंगी।
स्वाइन फ्लू पर उपमुख्यमंत्री की अपील: पैनिक न करें, सावधानी बरतें
मौसम में बदलाव के कारण स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार के मामलों पर उपमुख्यमंत्री ने आम जनता से सतर्क रहने किंतु भयभीत न होने का आग्रह किया:
शीर्ष प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, सचिव एवं एमडी (ABDM) ऋतु माहेश्वरी, महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. पवन कुमार अरुण, तथा लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO लखनऊ) डॉ. एन. बी. सिंह, सीएमएस डॉ. डी. सी. पांडे, एमएस डॉ. एस. आर. सिंह सहित भारी संख्या में वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी व पैरामेडिकल कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन चीफ फार्मासिस्ट सुनील यादव और उद्घोषिका डॉ. अलका निवेदन ने किया।


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