'नियुक्ति पाने वालों से पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा': सीएम योगी ने 3,567 नवनियुक्त शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र; 6 माह में 1 लाख और भर्तियों का ऐलान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य समारोह में सीएम योगी ने भ्रष्टाचारियों और बिचौलियों को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से यदि किसी ने धन की मांग की, तो उसे सीधे जेल में सड़ना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब कोई भी 'सैफई सिंडिकेट' प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं के अधिकारों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता।
📌 नियुक्ति वितरण समारोह के मुख्य बिंदु:
- 3,567 पदों पर तैनाती: माध्यमिक शिक्षा के चारों स्तंभों—प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता (PGT) और सहायक अध्यापक (TGT) को मिले नियुक्ति पत्र।
- एक सप्ताह में 5,297 नियुक्तियां: विगत एक सप्ताह में 5,297 और साढ़े 9 वर्षों में 9.50 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं; आगामी 6 माह में 1 लाख और नौकरियां तय।
- प्रबंधकों व दलालों को चेतावनी: कार्यभार ग्रहण कराने में किसी भी स्तर पर धन उगाही की शिकायत मिली तो कठोरतम विधिक कार्रवाई होगी।
- कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा: सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मियों, शिक्षामित्रों व रसोइयों को भी कैशलेस चिकित्सा का लाभ।
- धरनारत छात्रों को राहत: प्रयागराज में आंदोलनरत अभ्यर्थियों की उम्र सीमा/अवसर रिलैक्सेशन हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र लिखने के निर्देश।
📊 उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग: भर्ती व प्रभाव विवरण
| संवर्ग / पद | लाभार्थी संख्या / लक्ष्य | शैक्षणिक प्रभाव |
|---|---|---|
| प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, PGT व TGT | 3,567 नवनियुक्त शिक्षक | प्रतिवर्ष 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा मार्गदर्शन |
| मिशन रोजगार (आगामी 6 माह) | 1,00,000 नई सरकारी नौकरियां | विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया तेज |
| प्रोजेक्ट अलंकार व कायाकल्प | 2,300+ माध्यमिक विद्यालय भवन | स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक लैब व अटल टिंकरिंग लैब |
"2015-16 में जमीन बिकवाने वाले सिंडिकेट का खात्मा": सीएम योगी
समारोह में भावुक प्रसंग साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में चयनित एक अभ्यर्थी ने बताया कि वर्ष 2015-16 में उसी पद के लिए उससे ₹8 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। उसने खेत बेचकर रकम जुटाई, लेकिन उससे अधिक बोली लगाने वाले को नौकरी दे दी गई। सरकार ने उस भ्रष्ट तंत्र को निरस्त कर उसी मेधावी को आज बिना एक पैसे के पारदर्शी मेरिट पर नियुक्ति दी है।
"हमने सैफई सिंडिकेट से कह दिया है कि हम पारदर्शी नियुक्तियां देते जाएंगे, वे बैठकर गिनती गिनते रहें। यदि गिनती न आती हो तो शिवपाल जी से ट्यूशन ले लें। 2017 से पहले फार्म न भरने वालों को भी नियुक्ति मिल जाती थी। आज उत्तर प्रदेश पुलिस के ईमानदार अफसरों को भर्ती बोर्डों की कमान सौंपी गई है ताकि एक भी योग्य नौजवान के हक पर कोई डाका न डाल सके।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
प्रयागराज में धरनारत युवाओं के लिए NCTE को लिखा जाएगा पत्र
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी छात्रों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की विसंगतियों और आयु सीमा को लेकर धरने पर बैठे छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना आवश्यक है।
सीएम योगी ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को पत्र भेजकर नियमों में एकमुश्त छूट (रिलैक्सेशन) अथवा ऐसी व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया जाए, जिससे जड़ता की शिकार व्यवस्था के कारण योग्य युवा परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित न रहें।
"2047 के विकसित भारत की नींव रखेंगे नवनियुक्त शिक्षक"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शानदार भवन, लैब और उद्योग दे सकती है, लेकिन उन संसाधनों का राष्ट्रहित में उपयोग कैसे होगा, यह शिक्षक द्वारा तराशा गया विद्यार्थी तय करेगा। उन्होंने गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र, चाणक्य, महामना मालवीय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की परंपरा का स्मरण कराते हुए कहा कि शिक्षक केवल नौकरी न समझें, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार बनें।
योग्यता और मेरिट के आधार पर हुआ चयन: ब्रजेश पाठक व गुलाब देवी
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक: "2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य बदहाल था। आज मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछ चुका है और सभी चयन केवल और केवल योग्यता व पारदर्शी मेरिट के आधार पर हो रहे हैं।"
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी: "अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षकों के हाथों में संस्कार, अनुशासन और देशभक्ति सीखने के लिए सौंपते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सर्वांगीण विकास में शिक्षक आदर्श प्रस्तुत करें।"
समारोह में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, माध्यमिक शिक्षा सचिव किंजल सिंह तथा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, नवचयनित शिक्षक और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।


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