केशवनगर में दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण शिविर का आयोजन: विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया उद्घाटन, 100 लाभार्थियों का हुआ परीक्षण व पंजीकरण
लखनऊ: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वावधान में गुरुवार को फैजुल्लागंज के केशवनगर स्थित सामुदायिक केंद्र में दो दिवसीय निःशुल्क दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण परीक्षण व पंजीकरण शिविर संपन्न हुआ। शिविर के दूसरे दिन का औपचारिक उद्घाटन लखनऊ उत्तर के क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया। इस शिविर में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के विशेषज्ञ दल ने जरूरतमंदों की शारीरिक अक्षमता का परीक्षण कर कुल 100 लाभार्थियों का पंजीकरण किया।
📌 शिविर के प्रमुख बिंदु एवं उपलब्धियां:
- सार्थक पहल: केंद्र सरकार की एडिप (ADIP) और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपकरणों का चिन्हांकन।
- कुल 100 पंजीकरण: मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल (बैटरी चालित रिक्शा), व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक और कान की मशीनों के लिए आवेदन दर्ज।
- एलिम्को की विशेषज्ञ टीम: ऑर्थोपेडिक व ऑडियोलॉजिकल विशेषज्ञों द्वारा लाभार्थियों का तकनीकी परीक्षण।
- सोशल मीडिया का सकारात्मक असर: विधायक के डिजिटल प्लेटफॉर्म से सूचना पाकर दूर-दराज के दिव्यांगजन भी शिविर में पहुंचे।
- जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी: स्थानीय पार्षदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों ने किया सहयोग।
📊 शिविर में पहुंचे प्रमुख लाभार्थी एवं सहायक उपकरण विवरण
| लाभार्थी का नाम | निवासी / क्षेत्र | शारीरिक स्थिति एवं पंजीकृत उपकरण |
|---|---|---|
| हरिशंकर | उस्मानपुर, अलीगंज | बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग; बैटरी चालित रिक्शा (मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल) हेतु पंजीकृत। |
| प्राची बाजपेयी (13 वर्ष) | बक्शी का तालाब (BKT) | दोनों पैरों से चलने में गंभीर असमर्थता; मोबिलिटी सहायक उपकरण हेतु चिन्हांकन। |
| सुरेंद्र शर्मा | नौबस्ता, लखनऊ | लोकोमोटर अक्षमता; आवश्यक सहायक व सुगम्य उपकरण हेतु पंजीकरण। |
| अन्य वरिष्ठ नागरिक | फैजुल्लागंज व निकटवर्ती क्षेत्र | उम्रजनित दुर्बलता हेतु श्रवण यंत्र, चश्मे व छड़ियों के लिए पंजीकरण। |
13 वर्षीय बेटी के सहारे 4 किमी व्हीलचेयर चलाकर पहुंचे हरिशंकर
शिविर के दौरान कई भावुक कर देने वाले दृश्य भी सामने आए। उस्मानपुर (अलीगंज) निवासी हरिशंकर, जिनके दोनों पैर बचपन से ही निष्क्रिय हैं, क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा के फेसबुक पेज से शिविर की जानकारी पाकर अपनी 13 वर्षीय बेटी हर्षिता के साथ पहुंचे। बेटी के सहारे लगभग चार किलोमीटर तक व्हीलचेयर चलाकर शिविर पहुंचे हरिशंकर ने बताया कि बैटरी चालित रिक्शा मिलने से उनके जीवन की निर्भरता समाप्त हो जाएगी और वे सम्मानपूर्वक अपनी आजीविका चला सकेंगे।
इसी तरह बक्शी का तालाब से माता-पिता के साथ आई 13 वर्षीय बालिका प्राची बाजपेयी और नौबस्ता के सुरेंद्र शर्मा ने भी कतार में लगकर अपना चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
"दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सच्ची समाज सेवा": डॉ. नीरज बोरा
"दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज के सबसे सम्मानित अंग हैं। केंद्र सरकार की कल्याणकारी नीतियों के तहत आधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुगम, स्वतंत्र और स्वावलंबी बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। आधुनिक मोटराइज्ड उपकरण उनके आत्मविश्वास को नई दिशा प्रदान करेंगे।"
— डॉ. नीरज बोरा (विधायक, लखनऊ उत्तर)
शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रहा सक्रिय सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर पार्षद प्रियंका बाजपेयी, रश्मि सिंह, राघवराम तिवारी, मानसिंह यादव, मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र मौर्य, प्रदीप शुक्ला, सतीश मिश्रा, सुनील सिंह, मीना पांडेय, विश्लेष सिंह, विनोद अवस्थी, किशोर प्रजापति, रीता सिंह, आदित्य गौड़, अनिल मिश्रा, अनीता शुक्ला, शैलेन्द्र स्वर्णकार, अंकुश बाजपेयी, सत्यदेव सिंह, मनीष बाजपेयी एवं गौरव अवस्थी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


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