📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

लखनऊ में विकास कार्यों पर नगर निगम सख्त: ओवरहेड टैंक 15 दिन में और बंद पिंक टॉयलेट एक हफ्ते में शुरू करने का अल्टीमेटम

लखनऊ में विकास कार्यों को लेकर नगर निगम की सख्ती: ओवरहेड टैंक 15 दिन में और बंद पिंक टॉयलेट एक सप्ताह में शुरू कराने के कड़े निर्देश

📍 स्थान: स्मार्ट सिटी कार्यालय, लखनऊ | 📅 दिनांक: 22 सितंबर 2026 | 🏙️ श्रेणी: नगर निगम, नागरिक सुविधाएं एवं अवस्थापना विकास

लखनऊ: राजधानी में 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना निधि से संचालित विकास कार्यों की मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। स्मार्ट सिटी कार्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जलकल, पर्यावरण, स्ट्रीट लाइट और अभियंत्रण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए समयसीमा तय की गई। महापौर ने दो-टूक निर्देश दिए कि शहर में पेयजल संकट दूर करने के लिए ओवरहेड टैंकों का काम 15 दिनों में पूरा कराया जाए और बंद पड़े सभी पिंक टॉयलेट्स को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए।

📌 समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश एवं समयसीमा:

  • ओवरहेड टैंक (15 दिन का समय): 15वें वित्त के तहत निर्माणाधीन टंकियों और पाइपलाइन से जुड़े काम 15 दिनों के अंदर पूरे होंगे।
  • पिंक टॉयलेट (1 सप्ताह का अल्टीमेटम): महिलाओं की सुविधा के लिए बने बंद पिंक टॉयलेट्स का संचालन 7 दिन में दोबारा शुरू करने के आदेश।
  • पेयजल आपूर्ति: नए नलकूपों की स्थापना और बोरिंग फेल होने वाले स्थानों पर री-बोरिंग का कार्य युद्धस्तर पर निपटाया जाएगा।
  • स्ट्रीट लाइट शिकायतें: खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत प्राथमिकता पर होगी; अंधेरे वाले स्थानों पर नई लाइटें लगेंगी।
  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: अवस्थापना निधि के तहत सिविल कार्यों में देरी होने पर संबंधित अभियंताओं की जवाबदेही तय होगी।

📊 विभागवार समीक्षा एवं निर्धारित की गई डेडलाइन

विभाग समीक्षित कार्य / प्रमुख समस्या महापौर द्वारा तय समयसीमा
जलकल विभाग 15वें वित्त से बन रहे ओवरहेड टैंक, नए नलकूप एवं री-बोरिंग कार्य आगामी 15 दिन में पूर्ण करने का निर्देश
पर्यावरण विभाग शहर में रखरखाव व टेंडर प्रक्रिया के अभाव में बंद पड़े पिंक टॉयलेट 1 सप्ताह (7 दिन) के भीतर संचालन अनिवार्य
आरआर / प्रकाश विभाग खराब स्ट्रीट लाइट की नागरिक शिकायतें एवं डार्क स्पॉट्स पर नई लाइटें प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण
अभियंत्रण विभाग 15वें वित्त व अवस्थापना निधि से सड़क, नाली एवं नागरिक निर्माण कार्य गुणवत्ता जांच के साथ नियमित मॉनिटरिंग

ओवरहेड टैंक 15 दिन में तैयार करने का निर्देश: दूर होगी जलापूर्ति की समस्या

बैठक में जलकल विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान महापौर ने 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत ओवरहेड टैंकों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बचे हुए तकनीकी और सिविल कार्य 15 दिन में पूरे कर टंकियों को टेस्टिंग के बाद चालू किया जाए।

इसके साथ ही शहर के विभिन्न वार्डों में खराब पड़े नलकूपों की री-बोरिंग और नए नलकूप स्थापित करने के प्रस्तावों को अविलंब धरातल पर उतारने को कहा गया, ताकि आगामी महीनों में नागरिकों को लो-प्रेशर और पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े।

सख्त रुख: 'एक सप्ताह में हर हाल में खुलें बंद पड़े पिंक टॉयलेट'

राजधानी के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुविधा के लिए निर्मित पिंक टॉयलेट्स के बंद रहने की शिकायतों पर महापौर ने पर्यावरण अभियंता को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टेंडर और रखरखाव से जुड़ी औपचारिकताएं तेजी से निपटाकर एक सप्ताह के भीतर इन्हें चालू किया जाए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

स्ट्रीट लाइट की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्य अभियंता (आरआर) को निर्देश दिए गए कि कंट्रोल रूम में दर्ज होने वाली खराब लाइटों की शिकायतों को तय समय में ठीक किया जाए। जिन नए विकसित मोहल्लों में अभी तक स्ट्रीट लाइट पोल नहीं लगे हैं, वहां सर्वे कर नई लाइटें लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत कराने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख अधिकारी

स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील तिवारी ‘पम्मी’, नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त अभिनव रंजन श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तवअरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी महामिलिंद लाल, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, मुख्य अभियंता सिविल महेश वर्मा, मुख्य अभियंता आरआर मनोज प्रभात सहित सभी जोनल व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासनिक रुख: नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अवस्थापना निधि और 15वें वित्त के कार्यों में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी स्वीकार नहीं की जाएगी। समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित फील्ड निरीक्षण किए जाएंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें