मीरजापुर के कालीन उद्योग को मिलेगी वैश्विक उड़ान: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 10 कालीन निर्यातक दिखाएंगे हुनर; लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद चखेंगे 86 देशों के खरीदार
मीरजापुर: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के उद्देश्य से 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मेले में जनपद मीरजापुर के 10 प्रमुख कालीन कारोबारी और 2 पारंपरिक मिष्ठान कारोबारी प्रतिभाग करेंगे। विश्व के 86 देशों से आने वाले विदेशी खरीदारों, आयातकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष मीरजापुर की विश्वविख्यात हस्तनिर्मित कालीन, दरी और पारंपरिक स्वाद का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।
📌 मीरजापुर भागीदारी के प्रमुख बिंदु:
- वैश्विक मंच: 86 देशों के अंतरराष्ट्रीय आयातकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के सामने कालीन उत्पादों की ब्रांडिंग।
- 10 कालीन निर्यातक: आधुनिक व पारंपरिक कालीनों, रग्स और दरियों के स्टॉल हाल नंबर 9, 10, 14 और 15 में लगेंगे।
- स्वाद का तड़का (ODOC): 'एक जिला, एक व्यंजन' के तहत मीरजापुर का प्रसिद्ध लाल पेड़ा और बालूशाही हाल नंबर 16 में परोसा जाएगा।
- मिडिल ईस्ट संकट में नया विकल्प: बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में स्थानीय निर्यातकों को नए बाजारों से सीधे ऑर्डर प्राप्त होने की उम्मीद।
- बुनकरों की आर्थिक समृद्धि: ओडीओपी (ODOP) योजना के तहत वित्तीय सहयोग से सीधे कारीगरों और हथकरघा परिवारों की आय में वृद्धि।
📊 ट्रेड शो में मीरजापुर के कारोबारी एवं हाल आवंटन का विवरण
| हाल सं. | प्रतिभागी फर्म / कारोबारी का नाम | प्रदर्शित होने वाले उत्पाद |
|---|---|---|
| हाल नं. 9 | मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट, मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट | हैंडमेड व ऊनी कालीन, पारंपरिक दरियां |
| हाल नं. 10 | मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स | हस्तशिल्प उत्पाद एवं सजावटी फ्लोर कवरिंग |
| हाल नं. 14 व 15 | मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स (हाल 14), मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन (हाल 15) | प्रीमियम रग्स, आधुनिक डिजाइन्स व निर्यात क्वालिटी कारपेट |
| हाल नं. 16 | ओम मिष्ठान भंडार, गुरुकृपा स्वीट्स | मीरजापुर का लाल पेड़ा एवं पारंपरिक बालूशाही |
बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच निर्यात के नए रास्ते
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) क्षेत्र में चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार आपूर्ति शृंखलाएं प्रभावित हुई हैं। ऐसे संवेदनशील दौर में ग्रेटर नोएडा का यूपीआईटीएस मंच स्थानीय कालीन निर्माताओं को यूरोपीय, अमेरिकी और एशियाई देशों के नए खरीदारों के साथ सीधे संपर्क स्थापित करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा।
बिचौलियों की निर्भरता समाप्त होने से स्थानीय फर्मों को सीधे दीर्घकालिक एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट मिल सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन में भी वृद्धि होगी।
ओडीओपी योजना बनी स्थानीय बुनकरों की 'संजीवनी'
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद, एक उत्पाद' (ODOP) योजना मीरजापुर के पारंपरिक कालीन उद्योग के पुनरुद्धार में मील का पत्थर सिद्ध हुई है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आसान संस्थागत ऋण, आधुनिक लूम, डिजाइन विकास कार्यशालाओं और विपणन सहायता ने बुनकरों के आर्थिक जीवन स्तर को सुधारा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगर परिवारों को घर के पास ही सम्मानजनक आजीविका मिल रही है।
विदेशी मेहमान चखेंगे मीरजापुर के लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद
हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार मीरजापुर की पारंपरिक पाक-संस्कृति भी ट्रेड शो का बड़ा आकर्षण होगी। 'एक जिला, एक व्यंजन' (ODOC) पहल के अंतर्गत हाल नंबर-16 में मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और कुरकुरी व रसभरी बालूशाही का विशेष डिस्प्ले और स्वाद चखने की व्यवस्था की गई है।
"स्थानीय कालीनों की कारीगरी के साथ जब विदेशी खरीदार मीरजापुर के पारंपरिक लाल पेड़े और बालूशाही के अनूठे स्वाद से परिचित होंगे, तो इससे जिले की सांस्कृतिक व खाद्य विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।"
— संदीप कुमार (उपायुक्त, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र)

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