रविवार को बैंक खोलने के आदेश पर भड़का यूनाइटेड फोरम: विरोध के बाद बदला फैसला, ड्यूटी पर मिलेगा ओवरटाइम व डिस्कंफर्ट भत्ता; 28 सितंबर से राष्ट्रव्यापी हड़ताल
लखनऊ: रविवार (27 सितंबर) को सामान्य कार्यदिवस की तरह बैंक शाखाएं खोलने के भारतीय बैंक संघ (IBA) के फरमान के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की लखनऊ जिला इकाई ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। फोरम ने दो-टूक कहा कि द्विपक्षीय समझौते के तहत रविवार का दिन वैधानिक अवकाश है, जिसे मनमाने तरीके से सामान्य वर्किंग डे में नहीं बदला जा सकता। कर्मचारी संगठनों के पुरजोर विरोध के बाद बैंक प्रबंधन ने अपने रुख में संशोधन करते हुए नियमानुसार कर्मचारियों को ओवरटाइम और अधिकारियों को डिस्कंफर्ट भत्ता/प्रतिपूरक अवकाश देने का निर्णय लिया है।
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📌 घटनाक्रम एवं हड़ताल के मुख्य बिंदु:
- संडे वर्किंग पर विवाद: आरबीआई के अनुमोदन के बाद आईबीए द्वारा 27 सितंबर (रविवार) को बैंक खोलने के आदेश का फोरम ने तीखा विरोध किया।
- प्रबंधन का संशोधन: कड़े विरोध के उपरांत प्रबंधन ने द्विपक्षीय समझौते का सम्मान करते हुए रविवार की ड्यूटी पर नियमानुसार मुआवजा देने की सहमति दी।
- कर्मचारियों को मुआवजा: रविवार को कार्य करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त ओवरटाइम तथा अधिकारियों को कंपन्सेटरी ऑफ अथवा डिस्कंफर्ट भत्ता देय होगा।
- 28-30 सितंबर राष्ट्रव्यापी हड़ताल: लंबित मांगों को लेकर तीन दिनों तक देशभर के बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा।
- 26 अक्टूबर से बेमियादी हड़ताल: केंद्र सरकार और प्रबंधन से वार्ता विफल रहने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
📊 रविवार संचालन एवं कर्मचारी क्षतिपूर्ति: प्रावधानों की स्थिति
| कैडर / श्रेणी | प्रबंधन का मूल आदेश | विरोध के बाद संशोधित समझौता |
|---|---|---|
| बैंक कर्मचारी (Clerical & Sub-staff) | सामान्य कार्यदिवस की तरह उपस्थिति की बाध्यता | द्विपक्षीय समझौते के अनुसार ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित |
| बैंक अधिकारी (Scale-I व ऊपर) | बिना किसी अतिरिक्त लाभ के अनिवार्य ड्यूटी | नियमानुसार डिस्कंफर्ट भत्ता अथवा प्रतिपूरक अवकाश (Compensatory Off) |
| आगामी हड़ताल रूपरेखा | 28 से 30 सितंबर (3 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल) | मांगें न मानने पर 26 अक्टूबर से पूर्ण अनिश्चितकालीन हड़ताल |
द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं: अनिल श्रीवास्तव
यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बैंकिंग उद्योग में श्रम कानूनों और ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौतों के तहत कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित हैं।
"रिजर्व बैंक के अनुमोदन की आड़ लेकर भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा रविवार को सामान्य कार्यदिवस में तब्दील करना नियमों के सर्वथा प्रतिकूल था। आपात स्थिति में सेवा देना हमारी परंपरा रही है, लेकिन इसके लिए तय सेवा शर्तों का पालन अनिवार्य है। हमारे कड़े विरोध के बाद प्रबंधन झुका और अब जो भी साथी रविवार को ड्यूटी करेंगे, उन्हें नियमानुसार ओवरटाइम और डिस्कंफर्ट भत्ता दिया जाएगा।"
— अनिल श्रीवास्तव (जिला संयोजक, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस)
28 सितंबर से बैंकिंग ठप: 26 अक्टूबर से आर-पार का संग्राम
फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने जानकारी दी कि रविवार के इस विवाद से इतर बैंक कर्मियों का मुख्य संघर्ष उनकी लंबित वेतन विसंगतियों, 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (5-Day Work Week), पेंशन अपडेशन और खाली पदों पर नियमित भर्तियों को लेकर जारी है।
इन्हीं प्रमुख मुद्दों को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार का अड़ियल रवैया जारी रहा, तो 26 अक्टूबर 2026 से समूचे देश के बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन और नीति निर्माताओं की होगी।


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