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उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को मिला राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में किया सम्मानित; नजीबाबाद ओवरऑल बेस्ट

उत्तर प्रदेश की 8 सहकारी चीनी मिलों को मिला राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में किया सम्मानित; नजीबाबाद मिल बनी ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ

📍 स्थान: नई दिल्ली / लखनऊ | 📅 दिनांक: 25 सितंबर 2026 | 🌾 श्रेणी: गन्ना एवं चीनी उद्योग, सहकारिता, राष्ट्रीय पुरस्कार व कृषि अर्थव्यवस्था

लखनऊ/नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के चीनी और गन्ना विकास उद्योग ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीकी दक्षता, रिकवरी और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का लोहा मनवाया है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF) द्वारा नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार समारोह’ में उत्तर प्रदेश की 08 सहकारी चीनी मिलों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन सहकारी मिलों के प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किए।

📌 राष्ट्रीय पुरस्कारों के मुख्य बिंदु:

  • नजीबाबाद (बिजनौर) ओवरऑल चैंपियन: दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड, नजीबाबाद को सभी मानकों में देश की सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का पुरस्कार।
  • 2024-25 के पुरस्कार: बेलरायां (गन्ना विकास), गजरौला (चीनी परता/रिकवरी सुधार) और बागपत मिल (उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन) पुरस्कृत।
  • 2025-26 के पुरस्कार: मोरना (गन्ना विकास), रमाला व सठियांव (तकनीकी दक्षता) और पुवायां मिल (वित्तीय प्रबंधन) ने लहराया परचम।
  • मूल्यांकन के मानक: गन्ना विकास, आधुनिक तकनीकी दक्षता, शुगर रिकवरी, वित्तीय अनुशासन एवं समग्र परिचालन प्रदर्शन।
  • नेतृत्व की सराहना: विभागीय मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रबंधन व कार्मिकों को दी बधाई।

📊 राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार: विजेता सहकारी चीनी मिलों की सूची

पुरस्कार वर्ष सहकारी चीनी मिल का नाम व जनपद पुरस्कार की श्रेणी / मानक
2024-25 दि किसान सहकारी चीनी मिल, नजीबाबाद (बिजनौर) समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल (ओवरऑल बेस्ट)
2024-25 सरजू सहकारी चीनी मिल, बेलरायां (लखीमपुर खीरी) उत्कृष्ट गन्ना विकास (Cane Development)
2024-25 दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला (अमरोहा) चीनी परता (शुगर रिकवरी) में उल्लेखनीय सुधार
2024-25 बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड, बागपत उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)
2025-26 दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) उत्कृष्ट गन्ना विकास कार्य
2025-26 रमाला सहकारी चीनी मिल, रमाला (बागपत) उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता (Technical Efficiency)
2025-26 दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव (आजमगढ़) उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता (Technical Efficiency)
2025-26 दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां (शाहजहांपुर) सर्वोत्तम वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)

दक्षता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए NFCSF की वार्षिक पहल

राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF) द्वारा प्रतिवर्ष देश भर की सहकारी चीनी मिलों का गहन परीक्षण और ऑडिट किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र की मिलों में आधुनिक तकनीकों का समावेश, पेराई क्षमता में वृद्धि, बिजली-ईंधन की बचत और गन्ना किसानों को समयबद्ध व लाभकारी भुगतान सुनिश्चित करना है।

देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश की 8 मिलों का इस राष्ट्रीय मंच पर एक साथ चयनित होना राज्य सरकार द्वारा पिछले 9 वर्षों में चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, सल्फर-लेस प्लांट और को-जनरेशन यूनिट्स की स्थापना के प्रयासों की पुष्टि करता है।

विभागीय मंत्रियों व शीर्ष अधिकारियों ने दी बधाई

"यह उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों, सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र और समर्पित कार्मिकों के अथक परिश्रम का सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की किसान-हितैषी नीतियों के कारण बंद पड़ी मिलें फिर से चली हैं और चालू मिलें राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह सम्मान प्रदेश के सहकारिता आंदोलन को नई शक्ति देगा।"
— चौधरी लक्ष्मी नारायण (कैबिनेट मंत्री, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, उप्र)

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर गन्ना विकास राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना, गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस., सहकारी चीनी मिल्स संघ के प्रबंध निदेशक मंगला प्रसाद सिंह एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृत पाल कौर ने सभी विजेता मिलों के जीएम, तकनीकी स्टाफ एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी और भविष्य में भी कार्यकुशलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने का आह्वान किया।

सकारात्मक प्रभाव: राष्ट्रीय स्तर पर दक्षता पुरस्कार मिलने से प्रदेश की सहकारी मिलों की साख बढ़ेगी, जिससे उन्हें बैंकिंग, एथेनॉल उत्पादन और सह-उत्पाद (By-products) व्यापार में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इसका सीधा आर्थिक लाभ गन्ना किसानों को समयबद्ध भुगतान के रूप में मिलेगा।

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