दिव्यांगजन पेंशन में फिर बढ़ोतरी करेगी सरकार: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 509 दिव्यांगजनों को वितरित किए 664 सहायक उपकरण; सभी 18 मंडलों में खुलेंगे पुनर्वास केंद्र
गोरखपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार को गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और HURL के संयुक्त तत्वावधान में विशेष सहायता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के दिव्यांगजनों को बड़ी खुशखबरी देते हुए पेंशन राशि में शीघ्र ही पुनः बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 509 दिव्यांग लाभार्थियों को 664 आधुनिक सहायक उपकरण और शिक्षण सामग्री वितरित की।
📌 मुख्यमंत्री के संबोधन एवं योजना विस्तार के प्रमुख बिंदु:
- पेंशन बढ़ोतरी का वादा: पहले मिलने वाली ₹300 की पेंशन को ₹500 और फिर ₹1,000 किया गया; अब कुछ ही दिनों में इसे और बढ़ाया जाएगा।
- 18 मंडलों में पुनर्वास केंद्र: उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में सुसज्जित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश।
- हर विधानसभा में लगेंगे कैंप: वर्ष 2026-27 के दौरान हर विधानसभा क्षेत्र में शिविर आयोजित कर छूटे हुए पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
- बजट में ऐतिहासिक उछाल: सपा शासनकाल में विभाग का बजट ₹665 करोड़ था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर ₹2,200 करोड़ कर दिया है।
- सहायक उपकरणों का वितरण: 127 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 ई-ट्राईसाइकिल, 70 सामान्य ट्राईसाइकिल, 90 हियरिंग एड, स्मार्ट केन, ब्रेल किट और स्मार्टफोन बांटे गए।
📊 उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण: नीतिगत बदलाव एवं तुलनात्मक प्रगति
| कल्याणकारी मानक | पूर्ववर्ती सरकार | वर्तमान डबल इंजन सरकार |
|---|---|---|
| दिव्यांगजन पेंशन (प्रतिमाह) | ₹300 प्रतिमाह | ₹1,000 (शीघ्र ही पुनः बढ़ोतरी प्रस्तावित) |
| विभागीय वार्षिक बजट | ₹665 करोड़ | ₹2,200 करोड़ (3 गुना से अधिक वृद्धि) |
| बचपन डे केयर सेंटर | सीमित संख्या | 25 संचालित + 28 नए केंद्र प्रक्रियाधीन |
| डिजिटल पहचान (UDID) | पारंपरिक कागजी प्रक्रिया | 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के डिजिटल कार्ड जारी |
"प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए": मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि समाज की प्रगति का पैमाना ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि इस बात से आंका जाता है कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाएं कितनी सहजता से पहुंच रही हैं।
"संस्कृत का सुभाषित है— 'अयोग्यो पुरुषो नास्ति' यानी कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, बस उसे सही अवसर और साधन से जोड़ने वाले योजक की जरूरत होती है। जब देश के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्वकर्ता है तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता है? शारीरिक चुनौती किसी प्रतिभा की राह में रुकावट नहीं बन सकती। ऋषि अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन और अरुणिमा सिन्हा से लेकर हमारे पैरालंपिक पदक विजेताओं ने सिद्ध किया है कि विजय भुजाओं के बल से नहीं, अदम्य हौसलों से हासिल होती है।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
दिव्यांगजनों के लिए 2 समर्पित विश्वविद्यालय और मंडल स्तर पर पुनर्वास केंद्र
सीएम योगी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां दिव्यांगजनों की उच्च शिक्षा के लिए दो पूर्ण विश्वविद्यालय संचालित हैं—लखनऊ का डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही देखभाल सुनिश्चित करने के लिए 3 से 7 वर्ष के बच्चों हेतु 'बचपन डे केयर सेंटर' का दायरा बढ़ाया जा रहा है। कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी के लिए सरकार ₹6 लाख तक का पूरा खर्च वहन कर रही है और स्पीच थेरेपी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पुनर्वास केंद्र खोले जा रहे हैं, जिसकी कड़ी में गोरखपुर के सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में आधुनिक केंद्र चालू हो चुका है।
ब्रेल गीता, रामचरितमानस और आधुनिक तकनीकी उपकरणों का वितरण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं लाभार्थियों को उपकरण सौंपे। हरभजन सिंह और दीपू मिश्रा को आधुनिक स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जबकि मेधावी छात्रा खुशी को ब्रेल लिपि में श्रीमद्भगवद्गीता और छात्र नीरज यादव को ब्रेल रामचरितमानस भेंट की गई। अंजनी व रामणी को स्मार्ट केन तथा नन्हे बच्चों आदित्य गुप्ता और मायरा को सांकेतिक भाषा की विशेष शिक्षण किट दी गई।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग का बजट ₹665 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,200 करोड़ कर दिया गया है। प्रदेश में 25 डे केयर सेंटर सफलतापूर्वक चल रहे हैं और 28 नए केंद्रों की स्थापना शीघ्र पूरी की जाएगी।

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