यूपी के 5 महानगरों में FSDA का बड़ा एक्शन: टुंडे कबाबी, बीकानेरवाला, वॉव मोमोज समेत 7 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति; मिलीं गंभीर अनियमितताएं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नामी रेस्टोरेंट्स और फास्ट फूड प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग के विशेष अभियान ‘शुद्ध ही शुभ है’ के तहत राज्य के पांच प्रमुख महानगरों—कानपुर नगर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज और वाराणसी—में सघन छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों में कीड़े-मकोड़े, बदबूदार मीट, एक्सपायर्ड सामग्री और क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन जैसी चौंकाने वाली कमियां सामने आईं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कुल 7 यूनिट्स के खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की है।
📌 FSDA छापेमारी के मुख्य बिंदु एवं खुलासे:
- सघन अभियान: कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज व वाराणसी में एक साथ रेस्टोरेंट व फास्ट फूड सेंटर्स की जांच।
- गंभीर कमियां: कॉकरोच व चूहों का संक्रमण (Rodent/Insect Infestation), चोक ड्रेनेज, और वेज-नॉनवेज का एक साथ असुरक्षित भंडारण।
- एक्सपायर्ड सामग्री: वाराणसी में भविष्य की निर्माण तिथि (Future Dating) छपे पैकेट मिले; एक्सपायर्ड सॉस व कोल्ड ड्रिंक्स जब्त।
- कड़ा एक्शन: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA) के अंतर्गत 7 आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति।
📊 छापेमारी विवरण: किन-किन प्रतिष्ठानों में क्या कमियां मिलीं?
| शहर | प्रतिष्ठान का नाम | निरीक्षण में पाई गई गंभीर खामियां |
|---|---|---|
| कानपुर नगर | टुंडे कबाबी | प्रोसेसिंग एरिया में अत्यधिक दुर्गंध, नालियों में सड़ा पानी, वेज व नॉनवेज का पृथक्करण न होना तथा कच्चे मीट का अनुचित रखरखाव। |
| वाराणसी | वॉव मोमोज | खाद्य पैकेटों पर भविष्य की निर्माण तिथि अंकित होना, एक्सपायर्ड सॉस और कोल्ड ड्रिंक्स का भंडारण व धड़ल्ले से उपयोग। |
| आगरा | अमृतसरी कुलचा (संजय पैलेस) | दीवारों से झड़ता पेंट, अस्वास्थ्यकर कागजों में पैकिंग, एक्सपायर्ड पदार्थों का उपयोग; सुधार होने तक कारोबार बंद की संस्तुति। |
| गाजियाबाद | बीकानेरवाला (राजेंद्र नगर) | परिसर में कीड़े-मकोड़े, अत्यंत दूषित क्लीनिंग एरिया, चोक ड्रेनेज व खुले डस्टबिन; लाइसेंस निलंबन की संस्तुति। |
| गाजियाबाद | नाथूस (राज नगर) | रसोई में कॉकरोच व कीड़े, जले तेल का बार-बार इस्तेमाल, खुले में रखी सब्जियां व मिठाइयों का असुरक्षित भंडारण; निलंबन संस्तुति। |
| गाजियाबाद | एसी एंटरप्राइज | डीप फ्रीजर में चिकन-मटन से रक्त का रिसाव, क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन का उच्च जोखिम, बेसमेंट में अत्यधिक गंदगी व खुले डस्टबिन। |
| गाजियाबाद | फ्लॉको क्लॉक्ज (युवराज नगर) | गंदे डीप फ्रीजर, वेज-नॉनवेज सेग्रीगेशन का अभाव, उपकरणों व चिमनी पर ग्रीस-गंदगी तथा बर्तनों की अस्वच्छ धुलाई। |
क्रॉस-कॉन्टेमिनेशन और अस्वास्थ्यकर हालातों से जनता की सेहत को खतरा
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई आउटलेट्स पर शाकाहारी (Veg) और मांसाहारी (Non-Veg) खाद्य पदार्थों को एक ही डीप फ्रीजर में बिना किसी विभाजन के रखा गया था। फ्रीजर में कच्चे मीट से रक्त रिसने के कारण शाकाहारी भोजन में जानलेवा बैक्टीरिया और पैथोजेन्स फैलने की सीधी आशंका पाई गई।
इसके अलावा, नाथूस (गाजियाबाद) में खाद्य तेल को बार-बार गर्म कर उपयोग किए जाने का खुलासा हुआ, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक और कैंसरजन्य तत्वों को बढ़ावा देने वाला माना जाता है।
"खाद्य सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं": FSDA
"खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रत्येक प्रतिष्ठान को रसोई की स्वच्छता, कीट नियंत्रण, अपशिष्ट निस्तारण और शुद्ध सामग्री के उपयोग के नियमों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है। ब्रांड कितना भी बड़ा क्यों न हो, जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
— खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), उत्तर प्रदेश

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