UPSSSC की आगामी परीक्षाओं के लिए जरूरी सूचना: अभ्यर्थियों का कराया जाएगा आधार सत्यापन; फिंगरप्रिंट व आइरिस बायोमेट्रिक अपडेट कराने की सलाह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रदेश में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आवश्यक सूचना जारी की है। आयोग ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और सुचितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से स्पष्ट किया है कि भविष्य की सभी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके तहत फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के जरिए अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक डेटा का मिलान होगा।
📌 UPSSSC आधिकारिक सूचना के मुख्य बिंदु:
- अनिवार्य सत्यापन: आगामी परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों की पहचान का आधार के माध्यम से भौतिक व डिजिटल मिलान होगा।
- बायोमेट्रिक मिलान: परीक्षा केंद्रों पर फिंगरप्रिंट (अंगुलियों के निशान) और आइरिस (आंखों की पुतली) का डेटा सत्यापित किया जाएगा।
- अद्यतन कराने की सलाह: आयोग ने अभ्यर्थियों को समय रहते नजदीकी केंद्र पर जाकर अपना विवरण व बायोमेट्रिक डेटा अपडेट कराने को कहा है।
- गड़बड़ी व फर्जीवाड़े पर रोक: सॉल्वर गैंग, डमी कैंडिडेट और पहचान संबंधी विसंगतियों को पूर्णतया समाप्त करने के लिए यह पहल की गई है।
- आधिकारिक प्राधिकार: यह निर्देश आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
📊 अभ्यर्थियों के लिए जरूरी कदम एवं सत्यापन प्रक्रिया
| सत्यापन का स्तर | आवश्यक प्रक्रिया / विवरण | महत्व व लाभ |
|---|---|---|
| जनसांख्यिकी (Demographic) डेटा | नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम और पता आवेदन पत्र के विवरण से मेल खाना चाहिए | दस्तावेज सत्यापन के समय अस्वीकृति से बचाव |
| बायोमेट्रिक डेटा (Biometric) | दसों उंगलियों के फिंगरप्रिंट और आइरिस (Iris) स्कैन को निकटतम अधिकृत केंद्र से अपडेट कराएं | परीक्षा केंद्र पर त्वरित एंट्री और 100% सटीक मिलान |
| मोबाइल नंबर लिंकिंग | सक्रिय मोबाइल नंबर का लिंक होना आवश्यक ताकि ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण हो सके | ऑनलाइन पोर्टल लॉगिन और सुरक्षा सुरक्षा |
परीक्षा में असुविधा से बचने के लिए क्या करें अभ्यर्थी?
आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा के दिन बायोमेट्रिक मिलान में विफलता की स्थिति में अभ्यर्थी को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अग्रिम रूप से निम्नलिखित सावधानियां बरतनी होंगी:
- बायोमेट्रिक रिफ्रेश कराएं: यदि आपका पहचान पत्र बने लंबा समय हो गया है और उंगलियों के निशान घिसने या धुंधले होने की आशंका है, तो तत्काल बायोमेट्रिक अपडेट कराएं।
- विवरण की शुद्धता: आवेदन पत्र में दर्ज स्पेलिंग और पहचान पत्र के विवरण में पूर्ण सामंजस्य होना चाहिए।
- अंतिम समय की भागदौड़ से बचें: परीक्षा की तिथि घोषित होने से पहले ही अपने सभी क्रेडेंशियल्स दुरुस्त कर लें, ताकि केंद्र पर प्रवेश में कोई तकनीकी बाधा न आए।
पारदर्शिता और शुचिता की दिशा में ठोस कदम
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी सम्मिलित होते हैं। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए, फर्जीवाड़े, छद्म परीक्षार्थियों (Impersonation) और सॉल्वर गिरोहों की सक्रियता को जड़ से मिटाने के लिए यह तकनीकी कवच तैयार किया गया है।
"आगामी परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, सुरक्षित और निर्विवाद बनाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बायोमेट्रिक और डिजिटल सत्यापन से केवल वास्तविक और योग्य अभ्यर्थियों को ही परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा तथा किसी भी स्तर पर विसंगति की गुंजाइश नहीं रहेगी।"
— हरिकेश चौरसिया (सचिव, UPSSSC)


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