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World Pharmacist Day 2026: 'दवा वितरण तक सीमित नहीं फार्मासिस्ट, ड्रग सेफ्टी और डोज निर्धारण में विशेषज्ञता जरूरी'; सुनील यादव बोले— सशक्तिकरण से बनेगा स्वस्थ भविष्य

'फार्मेसिस्ट स्वस्थ समाज के लिए स्वास्थ्य सेवा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी': विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर मैक्स हॉस्पिटल में वैज्ञानिक सेमिनार; सुरक्षित औषधि उपयोग पर हुआ मंथन

📍 स्थान: मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल सभागार, लखनऊ | 📅 दिनांक: 25 सितंबर 2026 | 💊 श्रेणी: विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026, स्वास्थ्य सेवा, क्लिनिकल फार्मेसी एवं फार्माकोविजिलेंस

लखनऊ: विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में फार्मासिस्ट फेडरेशन के तत्वावधान में शुक्रवार को मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सभागार में एक दिवसीय वैज्ञानिक सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष वैश्विक थीम “Empowering pharmacists for healthier futures” (स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना) के तहत आयोजित इस संगोष्ठी में चिकित्सा विशेषज्ञों ने दवाओं के सुरक्षित, तर्कसंगत और वैज्ञानिक उपयोग में फार्मासिस्टों की तकनीकी विशेषज्ञता को स्वास्थ्य प्रणाली का अपरिहार्य आधार बताया।

📌 सेमिनार के प्रमुख बिंदु एवं निष्कर्ष:

  • तकनीकी विशेषज्ञता: ड्रग इंटरैक्शन (दवाओं का आपसी प्रभाव) रोकना, सटीक खुराक निर्धारण और फार्माकोविजिलेंस फार्मासिस्ट के मुख्य दायित्व।
  • शून्य त्रुटि सिद्धांत: चिकित्सा जगत में दवाओं के प्रयोग में किसी प्रकार की भूल स्वीकार्य नहीं; डॉक्टर व फार्मासिस्ट का समन्वय जरूरी।
  • आईसीयू में औषधि प्रबंधन: डॉ. पुष्पेंद्र सांगवान ने गंभीर मरीजों में दवा चयन, निगरानी और रिएक्शन नियंत्रण पर व्याख्यान दिया।
  • दवा वितरण से आगे की भूमिका: फेडरेशन अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि फार्मासिस्ट महज दवा बांटने वाले नहीं बल्कि औषधि सुरक्षा और पेशेंट काउंसलिंग के वैज्ञानिक विशेषज्ञ हैं।
  • निरंतर उन्नयन: फार्मासिस्टों के तकनीकी कौशल, ज्ञान और दक्षता को अद्यतन रखने के लिए वैज्ञानिक कार्यशालाओं के नियमित आयोजन का संकल्प।

📊 वैज्ञानिक संगोष्ठी: प्रमुख वक्ता एवं विचार-बिंदु

विशेषज्ञ / वक्ता पद / दायित्व संबोधन का मुख्य विषय
डॉ. जी. पी. गुप्ता निदेशक, सिविल चिकित्सालय व अपर निदेशक (स्वास्थ्य), लखनऊ मंडल ड्रग इंटरैक्शन, फार्माकोविजिलेंस और तर्कसंगत औषधि उपयोग
डॉ. एच. एन. त्रिपाठी निदेशक व विभागाध्यक्ष, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स हॉस्पिटल दवा प्रयोग में सतर्कता, शून्य त्रुटि व चिकित्सकीय तालमेल
डॉ. पुष्पेंद्र सांगवान विभागाध्यक्ष, क्रिटिकल केयर/आईसीयू, मैक्स हॉस्पिटल क्रिटिकल केयर में सटीक डोजिंग व दवा रिएक्शन की क्लिनिकल मॉनिटरिंग
सुनील यादव अध्यक्ष, फार्मासिस्ट फेडरेशन रोगी परामर्श, क्लिनिकल अधिकार और फार्मासिस्ट सशक्तीकरण

"चिकित्सा व्यवस्था के तकनीकी विशेषज्ञ हैं फार्मासिस्ट": डॉ. जी. पी. गुप्ता

मुख्य अतिथि के रूप में सेमिनार को संबोधित करते हुए सिविल अस्पताल के निदेशक एवं अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. जी. पी. गुप्ता ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में दवाओं की जटिलता निरंतर बढ़ रही है।

"ड्रग इंटरैक्शन को रोकना, दवाओं की सही डोज तय करना, एडवर्स ड्रग रिएक्शन (ADR) की निगरानी करना और फार्माकोविजिलेंस के मानकों का कड़ाई से पालन कराना फार्मासिस्ट का अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। फार्मासिस्ट केवल औषधि उपलब्ध कराने वाले कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे दवा चिकित्सा की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने वाले अग्रणी तकनीकी विशेषज्ञ हैं।"
— डॉ. जी. पी. गुप्ता (निदेशक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय)

दवाओं में चूक की कोई गुंजाइश नहीं, आईसीयू में क्लिनिकल मॉनिटरिंग जरूरी

विशिष्ट अतिथि डॉ. एच. एन. त्रिपाठी ने कहा कि क्लिनिकल प्रैक्टिस में दवा सुरक्षा का नियम अत्यंत कठोर है। किसी भी मरीज के जीवन की रक्षा के लिए चिकित्सक और फार्मासिस्ट दोनों को निरंतर सतर्क रहकर काम करना होता है।

वैज्ञानिक सत्र के अंतर्गत मैक्स हॉस्पिटल के आईसीयू विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सांगवान ने गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में भर्ती क्रिटिकल मरीजों में दवाओं के चयन और डोज निर्धारण पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर या गंभीर संक्रमण से जूझ रहे मरीजों में लिवर और किडनी की कार्यप्रणाली के अनुसार दवाओं की खुराक तय करने में क्लिनिकल फार्मासिस्ट की भूमिका जीवनरक्षक सिद्ध होती है।

"दवा वितरण से आगे बढ़कर रोगी परामर्शदाता बने फार्मासिस्ट": सुनील यादव

अध्यक्षीय उद्बोधन में फार्मासिस्ट फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 की थीम स्वास्थ्य व्यवस्था को यह संदेश देती है कि फार्मासिस्टों की वास्तविक वैज्ञानिक क्षमता का उपयोग किया जाए।

उन्होंने कहा कि आज का फार्मासिस्ट दवा के निर्माण, भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण, ड्रग-ड्रग इंटरैक्शन और पेशेंट काउंसलिंग में प्रशिक्षित है। यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप जिम्मेदारियां और निर्णय लेने के अवसर दिए जाएं, तो अस्पतालों में दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों (ADRs) को न्यूनतम किया जा सकता है।

सेमिनार में राज्यभर के प्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे. पी. नायक, उपाध्यक्ष राजेश सिंह एवं शिवकरन यादव, रिटायर विंग अध्यक्ष जय सिंह सचान, एच. एल. राज, दीक्षित, यूथ फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश कृष्ण, महासचिव देवेंद्र, जनपद सचिव धीरेन्द्र, संरक्षक उपेंद्र, यूथ महिला विंग की अध्यक्ष अनुराधा, अजीत, अवधेश, अभिषेक, अनिल और सलमान सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

संकल्प: सेमिनार के अंत में उपस्थित फार्मासिस्टों ने समाज में दवाओं के तर्कसंगत व सुरक्षित उपयोग के प्रति जनचेतना फैलाने और चिकित्सकीय गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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