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विश्व पर्यटन दिवस पर चमकी काशी: मोदी-योगी सरकार में 13 वर्षों में पहुंचे 52.71 करोड़ पर्यटक

विश्व पर्यटन दिवस: मोदी-योगी सरकार में बदली काशी की तस्वीर, 13 वर्षों में रिकॉर्ड 52.71 करोड़ पर्यटकों ने किया भ्रमण; स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार

📍 स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश | 📅 दिनांक: 26 सितंबर 2026 | 🛕 श्रेणी: विश्व पर्यटन दिवस, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन, उत्तर प्रदेश विकास

वाराणसी: गंगा के अर्धचंद्राकार घाट, गूंजती घंटियां, संकरी गलियां और सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराएं—काशी की यह पावन पहचान अब वैश्विक पर्यटन का केंद्र बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी में हुए अवसंरचनात्मक कायाकल्प ने इसे देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए सुरक्षित और पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक कुल 52 करोड़ 71 लाख 41 हजार 814 भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

📌 काशी पर्यटन के प्रमुख आंकड़े एवं उपलब्धियां:

  • कुल पर्यटक (2014 से जुलाई 2026): 52.71 करोड़ से अधिक (52.40 करोड़ भारतीय और 30.95 लाख विदेशी सैलानी)।
  • 2014 बनाम 2026 तुलना: वर्ष 2014 के कुल वार्षिक पर्यटकों (54.89 लाख) की तुलना में वर्ष 2026 के केवल 7 महीनों में ही 4.65 करोड़ से अधिक लोग काशी पहुंचे।
  • काशी विश्वनाथ धाम का प्रभाव: धाम के लोकार्पण के बाद 2022 से पर्यटकों की संख्या में कई गुना उछाल दर्ज हुआ (2025 में सर्वाधिक 17.30 करोड़ पर्यटक आए)।
  • स्थानीय रोजगार संवर्धन: होटल, रेस्तरां, नाविक, गाइड, बुनकर, हस्तशिल्प और फूल-माला कारोबारियों की आय में भारी वृद्धि।
  • मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: अत्याधुनिक एयरपोर्ट, वंदे भारत ट्रेनें, रिंग रोड, घाटों का सौंदर्यीकरण और गंगा विलास क्रूज पर्यटन के मुख्य आधार बने।

📊 वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक वाराणसी में पर्यटकों की आधिकारिक सांख्यिकी

वर्ष भारतीय पर्यटक विदेशी पर्यटक कुल पर्यटक
2014 52,02,236 2,87,761 54,89,997
2015 54,13,927 3,02,370 57,16,297
2016 56,00,146 3,12,519 59,12,665
2017 59,47,355 34,860 62,82,215
2018 60,95,890 3,49,270 64,45,160
2019 64,47,775 3,50,000 67,97,775
2020 8,76,303 1,06,189 9,82,492
2021 30,75,913 2,566 30,78,479
2022 7,11,47,310 83,741 7,12,31,051
2023 8,52,71,729 2,01,904 8,54,73,633
2024 10,97,87,811 3,09,932 11,00,97,743
2025 17,27,52,530 3,21,358 17,30,73,888
2026 (जुलाई तक) 4,64,27,878 1,32,541 4,65,60,419
कुल योग 52,40,46,803 30,95,011 52,71,41,814

पर्यटन बूम से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिली नई संजीवनी

काशी में पर्यटकों की इस अप्रत्याशित आमद ने केवल धार्मिक पहचान को ही सशक्त नहीं किया, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ को भी मजबूत किया है। होटल, होम-स्टे और गेस्ट हाउस सालभर बुक रहते हैं। रेस्टोरेंट्स और स्थानीय खान-पान (चाट, कचौरी, मलाईयो) के व्यापार में कई गुना विस्तार हुआ है।

गंगा में नौका संचालन, ई-रिक्शा व टैक्सी सेवाएं, टूर-गाइड, पूजा सामग्री के विक्रेता और विश्वप्रसिद्ध बनारसी सिल्क साड़ी व हस्तशिल्प के कारीगरों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है। काशी की यह यात्रा अब केवल दर्शन-पूजन तक सीमित न रहकर एक संपूर्ण सांस्कृतिक और आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र बन चुकी है।

विरासत और विकास का संतुलन: विश्वनाथ धाम से गंगा क्रूज तक

वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और 2017 से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के त्वरित क्रियान्वयन ने शहर की आधारभूत संरचना को बदल डाला। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण ने गंगा और बाबा के मंदिर के बीच की दूरी को सुगम कर दिया, जिससे बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए दर्शन अत्यंत आसान हो गया।

  • कनेक्टिविटी क्रांति: बाबतपुर हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण, रिंग रोड, कैंट-मंडुआडीह रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और प्रस्तावित अर्बन रोपवे परियोजना।
  • घाटों का संरक्षण: 84 पक्के घाटों का पुनरुद्धार, गंगा आरती का आधुनिक प्रबंधन और स्वच्छता मिशन।
  • नदी पर्यटन: गंगा विलास सहित आधुनिक रिवर क्रूज और इलेक्ट्रिक नौकाओं का सफल संचालन।
  • बौद्ध पर्यटन: समीपवर्ती सारनाथ का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सौंदर्यीकरण और लाइट एंड साउंड शो।

"परंपराओं के संरक्षण के साथ आधुनिक पर्यटन का अनुभव": जयवीर सिंह

"हमारा प्रयास है कि काशी की सदियों पुरानी समृद्ध परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि दुनिया भर के पर्यटक यहां आकर केवल देव-दर्शन ही नहीं करें, बल्कि काशी की जीवंत संस्कृति, अनूठी विरासत और जीवन शैली का अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें।"
— जयवीर सिंह (पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश)
निष्कर्ष: विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर काशी का यह उभार वैश्विक स्तर पर सिद्ध करता है कि यदि सांस्कृतिक धरोहरों को उच्चस्तरीय सुरक्षा, स्वच्छता और कनेक्टिविटी के साथ संवारा जाए, तो धार्मिक स्थल वैश्विक पर्यटन और आर्थिक समृद्धि के सबसे बड़े उत्प्रेरक बन सकते हैं।

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