एआर जयपुरिया स्कूल में न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने किया रावण दहन: रामलीला के सजीव मंचन से गूंजा GNITM कैंपस, बच्चों ने मोहा मन
लखनऊ: विजयादशमी के पावन पर्व के उपलक्ष्य में जीएनआईटीएम (GNITM) कैंपस स्थित एआर जयपुरिया स्कूल में भव्य रामलीला नाट्य मंचन और रावण दहन कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने प्रतीक स्वरूप रावण के पुतले का दहन कर आयोजन का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हें-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने रामायण के विभिन्न आदर्श प्रसंगों का मनोहारी और सजीव मंचन किया, जिससे पूरा परिसर 'जय श्री राम' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
📌 एआर जयपुरिया स्कूल दशहरा उत्सव: मुख्य बिंदु
- मुख्य अतिथि द्वारा रावण दहन: न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने रावण दहन कर दिया सत्य, धैर्य और न्याय का संदेश।
- रामायण के सजीव प्रसंग: स्कूली बच्चों ने भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों, मर्यादा और भ्रातृ-प्रेम पर आधारित प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
- शिक्षकों की भूमिका की सराहना: चेयरमैन प्रो. नरेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण अंचल में शिक्षकों की लगन से निखर रहा बच्चों का भविष्य।
- सर्वांगीण विकास पर बल: वाइस चेयरमैन डॉ. शिवेश मणि त्रिपाठी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को अनिवार्य बताया।
- विशिष्ट हस्तियों की उपस्थिति: पूर्व कुलपति डॉ. अमरीक सिंह ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन की प्रशंसा की।
📊 एआर जयपुरिया स्कूल: दशहरा एवं रामलीला कार्यक्रम एक नजर में
| विवरण / आयाम | आयोजन विवरण एवं संदेश |
|---|---|
| आयोजन स्थल | एआर जयपुरिया स्कूल (जीएनआईटीएम कैंपस), लखनऊ |
| मुख्य अतिथि | न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा |
| मुख्य संदेश | अन्याय पर न्याय की विजय हेतु धैर्य, सत्यनिष्ठा और सतत प्रयास आवश्यक |
| संस्थागत नेतृत्व | प्रो. नरेंद्र मणि त्रिपाठी (चेयरमैन), डॉ. शिवेश मणि त्रिपाठी (वाइस चेयरमैन), डॉ. मैत्री मणि त्रिपाठी (सचिव) |
| विशिष्ट अतिथि | डॉ. अमरीक सिंह (पूर्व कुलपति) |
'न्याय और सत्य के लिए धैर्य और निरंतर प्रयास अनिवार्य': न्यायमूर्ति आर.एम.एन. मिश्रा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा ने विद्यार्थियों को विजयादशमी के पावन पर्व के नैतिक और दार्शनिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की मर्यादा और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की शाश्वत प्रेरणा है।
“जीवन के हर क्षेत्र में न्याय और सत्य के मार्ग पर चलते हुए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अन्याय पर न्याय की विजय सुनिश्चित करने के लिए धैर्य, अनुशासन और सतत प्रयास अनिवार्य हैं। विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के मर्यादित चरित्र को अपने आचरण में ढालना चाहिए।”
— न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा
'शिक्षक ही विद्यालय की रीढ़': संस्था के चेयरमैन प्रो. नरेंद्र मणि त्रिपाठी
गोकरन नरवदेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (GN Group) के चेयरमैन प्रो. नरेंद्र मणि त्रिपाठी ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक ताकत उसके समर्पित शिक्षक होते हैं। ग्रामीण परिवेश में स्थित होने के बावजूद यहां के शिक्षकों ने अपनी मेहनत से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सोच और संस्कार दिए हैं।
संस्था के वाइस चेयरमैन डॉ. शिवेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है; खेलकूद, कला और सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास का आधार हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करें। वहीं, संस्था की सचिव डॉ. मैत्री मणि त्रिपाठी ने पधारे हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम को सफल बनाने वाली आयोजन टीम व शिक्षकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
नन्हें कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सीता स्वयंवर, वन गमन, शबरी भक्ति, लंका दहन और रावण वध जैसे प्रसंगों को अपने भावपूर्ण अभिनय से जीवंत कर दिया। नन्हें-मुन्ने बच्चों के संवाद अदायगी और पारंपरिक वेशभूषा ने अभिभावकों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व कुलपति डॉ. अमरीक सिंह ने विद्यार्थियों को शुभाशीष देते हुए कहा कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक ऊर्जा यह दर्शाती है कि उचित मार्गदर्शन मिलने पर वे भविष्य में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करेंगे। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य चंदन मिश्रा और शिक्षण स्टाफ को सफल संयोजन के लिए बधाई दी।


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