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'स्वस्थ मन, स्वस्थ महिलाएँ, स्वस्थ समाज': लखनऊ में मानसिक स्वास्थ्य व प्रजनन मुद्दों पर विचार-मंथन; इंटरनेट एडिक्शन पर चिंता

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर नवयुग कन्या महाविद्यालय में संगोष्ठी: KGMU विशेषज्ञों ने मानसिक व महिला स्वास्थ्य के मुद्दों पर किया मंथन

📍 स्थान: राजेंद्र नगर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 10 अक्टूबर 2026 | 🧠 श्रेणी: मानसिक स्वास्थ्य, महिला कल्याण, महाविद्यालयी शिक्षा, लखनऊ समाचार

लखनऊ: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ के मनोविज्ञान विभाग के 'अभिव्यक्ति क्लब' एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में “मानसिक स्वास्थ्य एवं महिला स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का केंद्रीय विषय ‘स्वस्थ मन, स्वस्थ महिलाएँ, स्वस्थ समाज’ रहा, जिसमें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य, प्रजनन स्वच्छता, तनाव प्रबंधन और अत्यधिक स्क्रीन समय से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

📌 संगोष्ठी के मुख्य बिंदु एवं विशेषज्ञ सुझाव:

  • शारीरिक व प्रजनन स्वास्थ्य: KGMU की प्रो. डॉ. सुजाता देव ने कहा कि अस्वस्थ जीवनशैली व मोटापा प्रजनन जटिलताओं को बढ़ाते हैं; नियमित व्यायाम व संतुलित आहार जरूरी है।
  • संकोच और सामाजिक कलंक से मुक्ति: युवतियों को अपने मानसिक, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर बिना किसी झिझक के खुलकर संवाद करने का आह्वान।
  • साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड: बाल मनोवैज्ञानिक प्रो. डॉ. पूजा महौर ने युवाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन से निपटने के लिए मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता कौशल पर जोर दिया।
  • स्क्रीन टाइम व इंटरनेट एडिक्शन: आभासी दुनिया के अत्यधिक उपयोग से बचने और वास्तविक मानवीय संबंधों को मजबूत करने की सलाह।
  • प्रतिभा सम्मान: 24 अगस्त 2026 को आयोजित ‘तनाव प्रबंधन’ भाषण प्रतियोगिता की मेधावी छात्राओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

📊 संगोष्ठी रूपरेखा: एक नजर में

पहलू / घटक विवरण
आयोजनकर्ता संस्था मनोविज्ञान विभाग (अभिव्यक्ति क्लब) एवं NSS, नवयुग कन्या महाविद्यालय
केंद्रीय थीम स्वस्थ मन, स्वस्थ महिलाएँ, स्वस्थ समाज
मुख्य वक्ता 1 डॉ. सुजाता देव (प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, KGMU लखनऊ)
मुख्य वक्ता 2 डॉ. पूजा महौर (प्रोफेसर एवं बाल मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सा विभाग, KGMU)
कार्यक्रम संरक्षक व अध्यक्षा प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय (प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय)
मंच संचालन डॉ. सोनल अग्रवाल (विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग)

माइंड मैटर्स: महिलाओं में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य

KGMU के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुजाता देव ने अपने संबोधन में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खराब लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतें मोटापे का कारण बनती हैं, जो आगे चलकर महिलाओं के हार्मोनल संतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है।

“महिलाओं को अपनी शारीरिक, मानसिक और प्रजनन समस्याओं को सामाजिक हिचकिचाहट या कलंक मानकर छुपाना नहीं चाहिए। किसी भी स्वस्थ रिश्ते की नींव पारस्परिक सम्मान और स्पष्ट संवाद पर टिकी होती है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर बिना देर किए विशेषज्ञों से चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए।”
— डॉ. सुजाता देव (प्रोफेसर, स्त्री रोग विभाग, KGMU)

युवाओं में एंग्जायटी, स्क्रीन टाइम और मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता

KGMU के मनोचिकित्सा विभाग की क्लिनिकल एवं बाल मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. पूजा महौर ने किशोरों व युवतियों में बढ़ती अवसाद और घबराहट की समस्या पर व्याख्यान दिया:

  • साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड (PFA): आपात या मानसिक संकट के समय साथियों को संबल देने के लिए बेसिक भावनात्मक प्राथमिक सहायता कौशल सीखना अत्यंत आवश्यक है।
  • परोपकार और मानसिक शांति: दूसरों की निस्वार्थ सहायता करने से व्यक्ति के अपने मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में सकारात्मक सुधार आता है।
  • इंटरनेट की लत पर चिंता: उन्होंने अत्यधिक स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के अकेलेपन पर चिंता व्यक्त करते हुए गहरी सांस लेने के अभ्यास (Deep Breathing) और वास्तविक जीवन में संवाद बढ़ाने की सलाह दी।

जागरूकता से ही संभव है सशक्त समाज का निर्माण: प्रो. मंजुला उपाध्याय

औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने कहा कि जब तक महिलाएँ शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त नहीं होंगी, तब तक एक सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत हरित पौधों के साथ किया गया। इस दौरान गत 24 अगस्त को आयोजित ‘तनाव प्रबंधन’ भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

उपस्थिति एवं सहयोग: कार्यक्रम में प्रो. संगीता कोतवाल, प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. सुषमा त्रिवेदी, डॉ. (मेजर) मनमीत कौर सोढी, प्रो. विनीता सिंह, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. अंकिता तिवारी, श्रीमती नीलम यादव, डॉ. स्नेहा चौधरी सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. गगनप्रीत कौर, डॉ. सुकन्या तिवारी, मिस मानसी श्रीवास्तव तथा NSS टीम के डॉ. मनीषा बारौनिया, डॉ. चंदन मौर्या और सुश्री दीक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निष्कर्ष: नवयुग कन्या महाविद्यालय की यह पहल छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के संकोच से बाहर निकालकर जीवनशैली में सुधार और भावनात्मक संबल की दिशा में सशक्त कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है।

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