68500 शिक्षक भर्ती आरक्षण विसंगति: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर अभ्यर्थियों ने बजाई सीटी; पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग, हिरासत में लिए गए
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में कथित आरक्षण विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के सरकारी आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने आवास के बाहर सीटी बजाकर और नारेबाजी कर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के स्पष्ट आदेश के बावजूद पात्र ओबीसी व दिव्यांग अभ्यर्थियों को 40% (60 अंक) के आधार पर संशोधित परिणाम जारी कर नियुक्ति नहीं दी जा रही है।
📌 प्रदर्शन एवं भर्ती प्रकरण के प्रमुख बिंदु:
- मूल मांग: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के अनुसार ओबीसी-दिव्यांग अभ्यर्थियों को 150 में से 60 अंक (40%) पर संशोधित परिणाम जारी कर नियुक्ति दी जाए।
- सीटी बजाकर विरोध: अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास पर जोरदार नारेबाजी और सीटी बजाकर विरोध जताया।
- पुलिस हिरासत व ईको गार्डन: सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित कर हिरासत में लिया और ईको गार्डन धरना स्थल भेजा।
- मंगलवार को वार्ता: प्रशासन की मध्यस्थता के बाद मंगलवार दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा मंत्री और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता तय।
- लगातार धरना: 1 सितंबर 2026 से ईको गार्डन में अभ्यर्थियों का अनवरत धरना-प्रदर्शन जारी है।
📊 68500 शिक्षक भर्ती विवाद: एक नजर में
| प्रमुख विवरण | तथ्य व जानकारी |
|---|---|
| भर्ती का नाम | उत्तर प्रदेश 68500 सहायक अध्यापक भर्ती |
| विवाद का मूल कारण | ओबीसी एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए उत्तीर्णांक प्रतिशत व आरक्षण नियमों की विसंगति |
| पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश | 150 में 60 अंक (40%) के आधार पर परिणाम संशोधन व नियुक्ति |
| प्रदर्शन स्थल | बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का सरकारी आवास, लखनऊ |
| आगामी कदम | मंगलवार को दोपहर 12 बजे प्रतिनिधिमंडल की मंत्री संग वार्ता |
आवास के बाहर गूंजे नारे: "संदीप भैया न्याय करो"
सोमवार सुबह प्रदेश के विभिन्न जिलों से लखनऊ पहुंचे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण घेराव किया। हाथों में सीटी लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने एक साथ सीटी बजाई और "संदीप भैया न्याय करो", "है हक हमारा आरक्षण, हम लेकर रहेंगे आरक्षण" और "बाबू कल्याण सिंह अमर रहे" जैसे गगनभेदी नारे लगाए।
धरने का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विभागीय अधिकारी फाइल दबाए बैठे हैं। आयोग ने न केवल 40 प्रतिशत अंक पर नियुक्ति देने का आदेश दिया है, बल्कि आरक्षण के नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
"हम 1 सितंबर से ईको गार्डन में लोकतांत्रिक ढंग से धरना दे रहे हैं, लेकिन हमारी सुध नहीं ली जा रही। अब प्रशासन ने मंगलवार को दोपहर 12 बजे के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री जी के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता तय कराई है। वार्ता के परिणाम के आधार पर ही आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।"
— तूफान सिंह (अभ्यर्थी प्रतिनिधि)
'खाकी में इंसान': तेज धूप में गश खाकर गिरे अभ्यर्थी की SHO ने बचाई जान
प्रदर्शन के दौरान एक भावुक और मानवीय दृश्य भी देखने को मिला। आजमगढ़ जनपद से प्रदर्शन में शामिल होने आया अभ्यर्थी सच्चिदानंद तेज धूप और गर्मी के कारण मंत्री आवास के मुख्य द्वार के सामने अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा।
वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एसएचओ विपिन सिंह ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने बिना समय गंवाए अभ्यर्थी को भीड़ से निकालकर पेड़ की छांव में पहुंचाया। पुलिस अधिकारी ने स्वयं पानी से उसका मुंह धुलाया, जूते खोले, बिस्किट खिलाया और पानी पिलाकर उसकी स्थिति सामान्य की। इसके पश्चात एहतियात के तौर पर अभ्यर्थी को पुलिस वाहन से प्राथमिक उपचार हेतु सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस के इस मानवीय रवैये की अभ्यर्थियों ने भी सराहना की।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जुटे प्रदेशभर के अभ्यर्थी
मंत्री आवास पर प्रदर्शन और ईको गार्डन धरने में राज्य के विभिन्न जनपदों से आए अभ्यर्थियों ने सहभागिता की। इनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
प्रमुख सहभागी: आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, दीपक पटेल, इशिता पाल, अजय मावी, उमेश गुप्ता, तारिक, राम प्रवेश, विनोद प्रजापति, शिव शंकर गौड़, अमित पटेल, सच्चिदानंद, संतोष, सुनील, कुशल, जोगेंद्र, अरुण मौर्या सहित सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित रहे।


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