मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना में बड़ा बदलाव: अब 43 इंच TV की जगह मिलेगी 3 HP चारा काटने की मशीन; ट्रैक्टर, बाइक और सोलर पैक भी शामिल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों को खेती और पशुपालन के कार्यों में सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने 'मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना' के उपहारों की सूची में व्यापक संशोधन किया है। अब लकी ड्रॉ के माध्यम से दिए जाने वाले उपहारों में घरेलू मनोरंजन के उपकरणों के स्थान पर वास्तविक रूप से खेत-खलिहान में उपयोगी मशीनों को प्राथमिकता दी जाएगी। नए प्रस्ताव के तहत त्रैमासिक लकी ड्रॉ में दिए जाने वाले 43 इंच एलईडी टीवी के स्थान पर किसानों को 3 हॉर्स पावर (HP) की चारा काटने की मशीन (Chaff Cutter) दी जाएगी, जिससे पशुपालक किसानों के श्रम और समय की बचत होगी।
📌 योजना में किए गए प्रमुख संशोधनों के मुख्य बिंदु:
- टीवी की जगह चारा मशीन: त्रैमासिक ड्रॉ में ₹30,000 की 3 HP चारा काटने की मशीन द्वितीय उपहार के रूप में दी जाएगी (प्रत्येक संभाग में 3 उपहार)।
- पंपिंग सेट व पावर स्प्रेयर बरकरार: 8 HP का पंपिंग सेट (प्रथम उपहार, ₹55,000) तथा पावर स्प्रेयर (चतुर्थ उपहार, ₹5,000) सूची में पूर्ववत रहेंगे।
- छमाही ड्रॉ में बड़ा ट्रैक्टर व बाइक: छमाही ड्रॉ में 35 HP का ट्रैक्टर (प्रथम), 20 HP से कम का छोटा ट्रैक्टर (द्वितीय), 100cc मोटरसाइकिल (तृतीय) और सोलर पावर पैक (चतुर्थ) शामिल।
- छात्रवृत्ति में 66% से अधिक की वृद्धि: कृषि स्नातक विद्यार्थियों की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह की गई।
- 4,400 प्लास्टिक कैरेट का निःशुल्क वितरण: फल और सब्जी उत्पादक किसानों को उपज सुरक्षित रखने के लिए मंडियों की श्रेणियों (क, ख, ग, घ) के अनुसार 4-4 कैरेट दिए जाएंगे।
📊 मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना: संशोधित त्रैमासिक व छमाही ड्रॉ सूची
| श्रेणी / उपहार स्तर | त्रैमासिक ड्रॉ (संशोधित उपहार) | छमाही ड्रॉ (संशोधित उपहार) |
|---|---|---|
| प्रथम उपहार | पंपिंग सेट (8 हॉर्स पावर, मूल्य ~₹55,000) | 35 हॉर्स पावर (HP) का बड़ा कृषि ट्रैक्टर |
| द्वितीय उपहार | चारा काटने की मशीन (3 HP, टीवी के बदले) | छोटा ट्रैक्टर (20 HP से कम क्षमता वाला) |
| तृतीय उपहार | बखारी (10 क्विंटल अनाज भंडारण क्षमता) | 100 सीसी (cc) क्षमता वाली मोटरसाइकिल |
| चतुर्थ उपहार | पावर स्प्रेयर (कीटनाशक छिड़काव यंत्र, ~₹5,000) | सोलर पावर पैक संयंत्र (हरित ऊर्जा उपकरण) |
'खेती में प्रत्यक्ष उपयोगी उपकरणों को प्राथमिकता': निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गठित विशेषज्ञ समिति ने उपहार वितरण के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और किसानों की जमीनी जरूरतों पर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है।
“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा है कि सरकारी योजनाओं का प्रत्येक लाभ सीधे किसान की उत्पादकता और आय वृद्धि से जुड़े। मनोरंजन के साधनों की तुलना में चारा मशीन, सिंचाई पंप, स्प्रेयर और ट्रैक्टर जैसे साधन किसान के दैनिक श्रम को कम करते हैं और पशुपालन को मजबूती देते हैं। समिति की संस्तुति के आधार पर यह संशोधन लागू किया जा रहा है।”
— जितेंद्र प्रताप सिंह (निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद)
सब्जी व फल उत्पादकों को 4,400 प्लास्टिक कैरेट का निःशुल्क वितरण
तुड़ाई और परिवहन के दौरान फल-सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए मंडी परिषद ने प्रदेशभर में किसानों को निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट तथा व्यापारियों को प्लास्टिक शीट देने का खाका खींचा है। मंडियों के वर्गीकरण के अनुसार लक्ष्य तय किए गए हैं:
| मंडी की श्रेणी | लाभार्थी किसान संख्या | कुल वितरित कैरेट |
|---|---|---|
| 'क' श्रेणी की मंडियां | 500 किसान (प्रति किसान 4 कैरेट) | 2,000 कैरेट |
| 'ख' श्रेणी की मंडियां | 250 किसान (प्रति किसान 4 कैरेट) | 1,000 कैरेट |
| 'ग' श्रेणी की मंडियां | 200 किसान (प्रति किसान 4 कैरेट) | 800 कैरेट |
| 'घ' श्रेणी की मंडियां | 150 किसान (प्रति किसान 4 कैरेट) | 600 कैरेट |
| कुल योग | 1,100 किसान | 4,400 प्लास्टिक कैरेट |
कृषि छात्रों की छात्रवृत्ति ₹5,000 हुई, मंडी हादसों में आर्थिक सुरक्षा
मंडी परिषद ने कृषि शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए भी अहम कदम उठाया है:
- मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों व महाविद्यालयों से स्नातक (B.Sc. Agriculture) करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं की मासिक छात्रवृत्ति ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है।
- मंडी परिसर सुरक्षा कवच: मंडी प्रांगणों में व्यापार के दौरान अप्रत्याशित दुर्घटना या अग्निकांड होने पर प्रभावित किसानों और पल्लेदारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान निरंतर जारी रहेगा।
- पात्रता व आवेदन: योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान अपने संबंधित जनपद की कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।


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