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गांधी जयंती पर सीएम योगी का ऐलान: यूपी में खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी तक मिलेगी 25% छूट

यूपी में खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25% की विशेष छूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी आश्रम में की घोषणा; बापू और शास्त्री जी को दी श्रद्धांजलि

📍 स्थान: हजरतगंज गांधी आश्रम एवं लाल बहादुर शास्त्री भवन, लखनऊ | 📅 दिनांक: 02 अक्टूबर 2026 | 🧶 श्रेणी: खादी एवं ग्रामोद्योग, गांधी जयंती, सरकारी योजनाएं व यूपी शासन

लखनऊ: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बड़ा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश भर में खादी के सभी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। हजरतगंज स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम पहुंचे सीएम योगी ने नागरिकों से खादी को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने और स्थानीय बुनकरों-हस्तशिल्पियों को संबल प्रदान करने का आह्वान किया।

📌 मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • 25% की विशेष छूट: 2 अक्टूबर से 30 जनवरी 2027 (शहीद दिवस) तक यूपी के सभी खादी भंडारों में वस्त्रों पर 25 फीसदी छूट प्रभावी।
  • स्वदेशी से स्वावलंबन: चरखे को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए खादी को विकसित भारत की बुनियादी आधारशिला घोषित किया।
  • ग्राम स्वराज की सिद्धि: प्रदेश में स्थापित ग्राम सचिवालयों के जरिए बापू के ग्राम स्वराज मॉडल को धरातल पर उतारा जा रहा है।
  • शास्त्री जी का नमन: ‘जय जवान, जय किसान’ मंत्र को याद करते हुए भारत के अन्नदाता किसानों व सेना के अदम्य पराक्रम को सराहा।
  • लोकल टू ग्लोबल: हस्तशिल्पियों और कारीगरों के उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने के लिए सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा।

📊 खादी वस्त्र विशेष छूट एवं जयंती कार्यक्रम विवरण

प्रमुख बिंदु विवरण व दिशा-निर्देश
छूट का प्रतिशत 25% की सीधी छूट (Rebate on Khadi Products)
छूट की प्रभावी अवधि 02 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक
आयोजन स्थल क्षेत्रीय गांधी आश्रम (हजरतगंज) एवं लाल बहादुर शास्त्री भवन (लखनऊ)
लाभार्थी वर्ग राज्य के हथकरघा बुनकर, कत्तिन, हस्तशिल्पी एवं आम उपभोक्ता

"खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र": सीएम योगी

गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खादी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एकता और प्रतिरोध का सबसे बड़ा प्रतीक थी।

"खादी केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि स्वदेशी का पवित्र विचार है। चरखा स्वावलंबन का मार्ग दिखाता है। जब हम खादी का एक भी वस्त्र खरीदते हैं, तो उसका सीधा लाभ गांव की किसी गरीब कत्तिन और बुनकर परिवार के चूल्हे तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'लोकल टू ग्लोबल' विजन को साकार करने के लिए हमें स्थानीय कारीगरों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना होगा।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

ग्राम सचिवालयों से साकार हो रही बापू की ग्राम स्वराज की कल्पना

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों ने ग्रामीण जीवन में स्वच्छता के साथ नारी गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में स्थापित किए गए आधुनिक ग्राम सचिवालय गांधी जी के ग्राम स्वराज की संकल्पना को मजबूत कर रहे हैं। अब ग्रामीणों को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र सहित अधिकांश नागरिक सेवाओं के लिए तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ता, बल्कि गांव स्तर पर ही रोजगार और सुविधाएं दोनों उपलब्ध हो रही हैं।

शास्त्री भवन में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन

गांधी आश्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शास्त्री भवन पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी की सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति अतुलनीय थी।

उन्होंने कहा कि 1965 के युद्ध के दौरान शास्त्री जी का दिया नारा ‘जय जवान, जय किसान’ भारत की संप्रभुता का रक्षा कवच बना। जिस देश को कभी खाद्यान्न के लिए विदेशों की ओर देखना पड़ता था, आज वही भारत 140 करोड़ नागरिकों का पेट भरने के साथ वैश्विक संकटों में दुनिया भर को अन्न निर्यात करने में सक्षम है।

कार्यक्रम में गणमान्य हस्तियां रहीं उपस्थित

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एमएसएमई व खादी ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी सहित खादी प्रेमी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

अपील: राज्य सरकार द्वारा 30 जनवरी 2027 तक दी जा रही 25 फीसदी छूट का लाभ उठाते हुए प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को खादी उत्पादों की खरीद कर स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के आर्थिक स्वावलंबन में भागीदार बनना चाहिए।

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