फसलों के नुकसान की होगी भरपाई: सोमवार को गोरखपुर से 9.18 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹493 करोड़ भेजेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर: प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम के चलते फसलों का नुकसान उठाने वाले अन्नदाताओं को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (12 अक्टूबर 2026) को गोरखपुर से राज्यस्तरीय राहत राशि जारी करेंगे। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹493 करोड़ का कृषि निवेश अनुदान सीधे हस्तांतरित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
📌 फसल क्षति राहत वितरण के प्रमुख बिंदु:
- ₹493 करोड़ की डीबीटी सहायता: प्रदेशभर के 9,18,091 प्रभावित किसानों को एक क्लिक पर मिलेगा कृषि निवेश अनुदान।
- प्राकृतिक आपदाओं से क्षति: सुपर अल नीनो, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में आए 'अर्नव चक्रवात' से फसलों को हुआ भारी नुकसान।
- अग्रिम राहत धनराशि: राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जनपदों को 169 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
- अन्य आपदा मुआवजा: जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मद में प्रभावित परिवारों को अब तक ₹225.93 करोड़ की सहायता वितरित।
- समीक्षा व सर्वे: चालू वित्तीय वर्ष की पहली तारीख से लेकर 9 अक्टूबर 2026 तक क्षति का पारदर्शी डिजिटल सर्वे पूरा कराया गया।
📊 आपदा राहत एवं कृषि अनुदान वितरण: एक नजर में
| मद / घटक | आधिकारिक आंकड़े एवं विवरण |
|---|---|
| हस्तांतरित होने वाली कुल राशि | ₹493 करोड़ (डीबीटी के माध्यम से) |
| लाभान्वित किसानों की संख्या | 9,18,091 किसान |
| कार्यक्रम स्थल व समय | योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, गोरखपुर (पूर्वाह्न) |
| जनपदों को अग्रिम निर्गत राशि | ₹169 करोड़ |
| पूर्व में लाभान्वित किसान (फसल क्षति) | 1,29,326 किसान (₹78.75 करोड़ वितरित) |
| जनहानि, पशुहानि व मकान क्षति सहायता | ₹225.93 करोड़ (अब तक वितरित) |
सुपर अल नीनो और अर्नव चक्रवात से फसलों पर पड़ा असर
चालू मानसून सत्र के दौरान सुपर अल नीनो प्रभाव और मौसम के बदलते मिजाज के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में असामान्य वर्षा, ओलावृष्टि और तेज आंधी देखने को मिली। विशेष रूप से सितंबर के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए 'अर्नव चक्रवात' ने खेतों में खड़ी खरीफ फसलों (धान, मक्का, तिलहन आदि) को व्यापक नुकसान पहुंचाया।
“संकट की घड़ी में प्रदेश सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। बाढ़ और बारिश का असर कम होते ही राजस्व और कृषि विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बिना किसी मध्यस्थ के नुकसान का आकलन किया, ताकि रबी सत्र की बुआई से पहले किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।”
राहत आयुक्त कार्यालय का सक्रिय तंत्र: पारदर्शी सत्यापन
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर 2026 तक की अवधि में फसल क्षति का शिकार हुए कुल 9,18,091 किसानों को सूचीबद्ध किया गया। पूर्व में ही 1,29,326 किसानों को ₹78.75 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है, जबकि शेष पात्र किसानों के लिए ₹493 करोड़ की यह नई किस्त सोमवार को जारी की जा रही है।
- बिना बिचौलियों के सीधा भुगतान: राशि पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के जरिए सीधे किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पहुंचेगी।
- व्यापक आपदा कवरेज: केवल फसलों तक सीमित न रहकर आपदा में प्राण गंवाने वाले नागरिकों के परिजनों, दुधारू पशुओं की मृत्यु तथा क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी ₹225.93 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं।


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